सरकारी स्कूलों में ज्ञानवर्धक पुस्तकें भी पढ़ सकेंगे बच्चे
पढ़े भारत-बढ़े भारत योजना के तहत 100 प्राथमिक विद्यालयों में स्थापित किए जा रहे पुस्तकालय
विद्यालयों के खातों में भेजी धनराशि, खरीदी की हुई शुरुआत
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। अब जनपद के सरकारी स्कूलों के बच्चे भी स्कूल में कोर्स से अलग ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ सकेंगे। बच्चों के ज्ञान को बढ़ाने के उद्देश्य से पढ़े भारत-बढ़े भारत कार्यक्रम के तहत जिले के 100 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में पुस्तकालय स्थापित किए जा रहे हैं। पुस्तकालय खोलने के लिए चयनित प्रत्येक विद्यालय को 19 हजार रुपये की धनराशि आवंटित कर दी गई है। पुस्तकालय में एनसीईआरटी द्वारा सुझाई गई पुस्तकों का संग्रह होगा। नगर क्षेत्र के विद्यालयों से इसकी शुरुआत भी हो गई है।
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सर्व शिक्षा अभियान के तहत शासन मुफ्त में कोर्स की किताबें उपलब्ध कराता है। अब कोई की इन पुस्तकों के अलावा भी बच्चों को अन्य किताबी ज्ञान के लिए भारत सरकार द्वारा नवाचा योजना के तहत चलाए जा रहे कार्यक्रम पढ़े भारत-बढ़े भारत के अंतर्गत जनपद के 100 परिषदीय विद्यालयों में एक बुक बैंक के रूप में पुस्तकालय स्थापित कराया जा रहा है। यह सुविधा अनुसूचित जाति/जनजाति, अल्पसंख्यक, शहरी पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं वाले प्राथमिक विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों के लिए है। इस योजना के क्रम में जिला बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बीते वर्ष की शासन को जनपद के 100 विद्यालयों का चयन करके सूची भेज दी गई थी। इसके क्रम में शासन ने प्रत्येक विद्यालय के लिए 19 हजार रुपये के अनुसार कुछ माह पूर्व बजट भी उपलब्ध करा दिया गया है। इसके क्रम में जिला बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा चयनित विद्यालयों के खातों में विगत दिनों धनराशि भी भेजी जा चुकी है। इन 19 हजार रुपये का व्यय इन विद्यालयों में स्थापित किए जाने पुस्तकालय में विज्ञान, अंग्रेजी विषय, महापुरुषों की जीवनी, मनोरंजन के लिए किस्से-कहानियों की पुस्तकें और एनसीईआरटी द्वारा मुद्रित बरखा पुस्तकमाला के सेट अनिवार्य रूप से क्रय कर विद्यालयों में उपलब्ध कराने के लिए। इन किताबों के रखरखाव के लिए एक अलमारी की भी खरीदी की जाने हैं। इसके अलावा बच्चों के लिए उपभोग की जाने वाली सामग्री, स्टेशनरी, कापियां, एक रीडिंग कॉनर का निर्माण आदि के निए व्यय किया जाना है। इनकी खरीदी विद्यालय स्तर पर एसएमसी द्वारा की जानी है। जिला बेसिक शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार चयनित विद्यालयों के खातों में उक्त धनराशि भेजी जा चुकी है। वर्तमान में नगर क्षेत्र से इस योजना की शुरुआत भी हो चुकी है।
यह मानक व सुविधाएं
शासन द्वारा विद्यालयों के चयन के लिए कुछ मानक भी निर्धारित किए गए थे, कि चयनित किए विद्यालयों में प्रत्येक इंटरवेंशन जैसे एससी एसटी, अल्पसंख्यक, शहरी पिछले और बालिका शिक्षा केक अंतर्गत प्रत्येक जनपद के कुल 25 यानी चारों इंटरवेंशन के कुल 100 विद्यालयों का चयन होना चाहिए। इसके अलावा चयनित विद्यालयों का छात्रांकन कम से कम 100 बच्चों का होना जरूरी है। इसके अलावा चयनित विद्यालयों में आरटीई 2009 मानक के अनुसार अध्यापकों की न्यूनतम उपलब्धता होनी चाहिए। इसके अलावा शासन के निर्देशा हैं कि इन प्राथमिक विद्यालयों की कक्षाओं में कुल चार घंटे में से ढाई घंटों में भाषा शिक्षण और शेष डेढ़ घंटों में आरम्भिक गणितीय दक्षता विकसित करने पर ध्यान दिया जाए। चयनित विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति कम से कम 90 प्रतिशत की छात्र-छात्राओं की उपस्थिति 75 प्रतिशत सुनिश्चित की जाए।
अनुश्रवण के लिए मिले 50 हजार रुपये
इस योजना में इन चयनित विद्यालयों के अनुश्रवण के लिए 500 रुपये प्रत्येक विद्यालय के अनुसार कुल 50 हजार रुपये अनुश्रवण कार्य के लिए भी आए हैं। इस धनाराशि का व्यय नवाचार के तहत इन विद्यालयों में शिक्षकों को प्रशिक्षण देने और पढ़ाई में विशेष सहयोग के लिए समन्वयकों को दिया जाएगा।
यह हैं चयनित विद्यालय
इस योजना के तहत चयनित 100 प्राथमिक विद्यालयों में विकासखंड बार क्षेत्र के 14 विद्यालय, महरौनी क्षेत्र के 10 विद्यालय, मड़ावार क्षेत्र के 16 विद्यालय, बिरधा क्षेत्र के 10 विद्यालय, तालबेहट क्षेत्र के 15 विद्यालय, जखौरा क्षेत्र 24 और नगर क्षेत्र के 10 विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में बुक बैंक के रुप में पुस्तकालय स्थापित किए जाने हैं।