लड़ईया जाति के लोगों पर रहने का संकट
- पहाड़ी पर बने आवास गिराने की मिली है चेतावनी
- जिलाधिकारी से की पट्टा दिलाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बुधवार को ब्लॉक बिरधा के धौर्रा गांव निवासी लड़ईया जाति (अनुसूचित जाति) के लोगों ने डीएम मानवेंद्र को ज्ञापन देकर आवासीय पट्टा दिलाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि उन्हें पहाड़ी पर बने आवास गिराने की चेतावनी मिली है। जिससे उनके सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है।
एक ओर गरीबों को आसियाना दिलाने के लिए शासन द्वारा आसरा, प्रधानमंत्री आवास योजना आदि के तहत गरीबों को आवास मुहैया या आवास निर्माण कराए जा रहे हैं। वहीं धौर्रा में पहाड़ी पर अस्थाई रूप से कच्चे घर बनाकर रहने वाले 12 से अधिक परिवारों को रहने का संकट हो गया है। जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया कि वह धौर्रा गांव में पहाड़ पर मकान बनाकर परिवार सहित रह रहे हैं। उनके लिए शासन के द्वारा मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड आदि बनाए गए हैं। वह गरीबी से जीवन यापन कर रहे है। मकान के अलावा उनके पास अपने परिवारजन सहित निवास का कोई साधन नहीं है। बताया कि विगत 20 जुलाई को कुछ अधिकारी व कर्मचारी उनके पास आए और उनके मकान गिराने की बात कहने लगे। ऐसा न करने पर उन्होंने 50-50 हजार रुपये की मांग की। पीड़ित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से बारिश के मौसम में मकान नहीं गिराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने मकान बनाने के लिए आवासीय पट्टा दिलाने की मांग की है। ज्ञापन पर शंभू, राधे, चंदन, राजू, शंकर, जुगनू, सुनील, रतन, सरजू, सुखदेव, अंजू, सूरज, राधा, उमा, प्रेमवती, शारदा, रमेश व कलावती आदि के हस्ताक्षर थे।