ऑन स्पॉट टीबी की जांच करने के लिए गठित हुई 58 टीमें
ललितपुर। स्वास्थ्य विभाग ने टीबी रोगियों को चिन्हित करने केे लिए ऑन स्पॉट परीक्षण करने की रणनीति बनाई है। जिलाधिकारी के निर्देशन में सीएमओ ने 58 टीमों का गठन किया है। इसमें आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के साथ स्वयं सेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। इसकी शुरुआत 24 फरवरी से हो रही है।
जनपद में टीबी की बीमारी से छुटकारा दिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। इसके तहत टीबी को मरीजों को चिन्हित करने के लिए 58 टीमों का गठन किया गया है। इसमें एक टीम में तीन सदस्य होंगे। आशा, आंगनबाड़ी कर्मचारी व स्वयं समाज सेवी संस्थाओं के सदस्य होंगे। एक टीम एक दिन में 50 घर पर जाकर 200 से 250 लोगों में लक्षण खोजेंगी। पांच टीमों पर एक सुपरवाइजर रहेंगे। पांच सुपर वाइजर पर एक चिकित्साधिकारी रहेंगे। जो घर घर जाकर लोगों को जागरूक व टीबी के लक्षण होने पर बलगम की डीएमसी सेंटर पर जांच की जाएगी। मरीज के घर पर ही इलाज किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने नगर में चिन्हित स्थानों में जेल, बाल सुधार गृह दैलवारा व नेहरूनगर, गोविंद नगर, छह कांशीराम कालोनी, विष्णुपुरा, कपप्लेट कालोनी व दूरस्थ स्थानों में पत्थर की खदानों के आस-पास के गांव जाखलौन व धौरा में दो टीमें जांच करेंगी। वहीं देवगढ़, रामपुर, जहाजपुर, अमऊ खेरा, बम्होरी, बालाबेहट, मड़ावरा क्षेत्र में लखंजर पापड़ा, पटना, के साथ ही काला पहाड़ आदि अन्य गांव में जाकर टीमें कार्य करेंगी। टीबी के मरीजों को चिन्हित करेंगी।
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इतने लोगों तक पहुंचेगी टीमें
शहरी क्षेत्र व ब्लॉक के लगभग एक लाख सैंतीस हजार लोगों में लक्षणों की खोज गठित टीमें करेंगी। इसमें टीमें टीवी से संबंधित लक्षण बताएगी। लक्षण पाए जाने पर जांच की जाएगी और टीवी होने पर मरीजों का इलाज किया जाएगा।
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इन क्षेत्रों पर रहेगी विशेष नजर
पहले जाखलौन, रनगांव व शहर क्षेत्र के गोविंदनगर में टीबी के मरीजों की संख्या अधिक पाई गई थी। इसे ध्यान में रखकर स्वास्थ्य विभाग इन स्थानों पर विशेष ध्यान रखेगी, जिससे अधिक मरीज चिन्हित किए जा सकें।