तय तिथि निकल गई, शहर स्वच्छता से दूर
ललितपुर। नगर पालिका परिषद शहर को तय समयावधि में ओडीएफ नहीं करा पाई है। विभिन्न वार्डों में आज भी यह समस्या सिर चढ़कर बोल रही है। बीते दिवस प्रभारी मंत्री निरीक्षण के दौरान इस समस्या से रूबरू हुए थे। इसके बाद भी विभागीय अफसर चेते नहीं हैं।
बता दें कि चार अगस्त 2017 में तत्कालीन मंडलायुक्त झांसी ने वार्डों को ओडीएफ बनाने की संशोधित कार्ययोजना नगर पालिका परिषद को सौंपी थी। नगर पालिका के अफसर तय लक्ष्य को समयांतर्गत पूरा नहीं कर पाए। इसमें वर्ष 2017 के अंत तक समूचे शहरी क्षेत्र को ओडीएफ बनाने का लक्ष्य रखा गया था जो समयावधि अब गुजर चुकी है। जिन वार्डों से होकर शहजाद नदी व ब्याना नाला निकले हैं, उनमें यह समस्या कुछ ज्यादा ही है। विशेषकर मुहल्ला रैदासपुरा, खिरकापुरा, रामनगर, रावतयाना, गोविंदनगर, नदीपुरा में नदी, नालों व बांध के किनारे महिला-पुरुष बैठे दिखाई देते हैं। वहीं, मुहल्ला नेहरू नगर, जुगपुरा, सिविल लाइन में खुले मैदानों को नित्य क्रिया से निवृत्त होने का स्थल बना हुआ है। सिविल लाइन का फूटा बंगला इसके लिए काफी चर्चित क्षेत्र है। हालांकि, नगर पालिका परिषद ने इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए सामुदायिक व सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया है। लेकिन, इनमें अधिकतर निर्माणाधीन हैं तो कुछ शौचालय का इस्तेमाल करने से कन्नी काटते हैं। बीते दिवस जिले के प्रभारी मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने इसकी हकीकत जानने के लिए मुहल्ला खिरकापुरा का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि ब्याना नाले के किनारे कुछ महिलाएं बैठी हैं। इस पर उन्होंने पालिका के अधिशासी अधिकारी से नाराजगी प्रकट की थी। मुहल्ला लक्ष्मीपुरा स्थित शौचालय में तलाई का काम चल रहा है तो बड़ापुरा स्थित शौचालय को कुत्तों ने अपने डेरा बना लिया है। अन्य वार्डों में भी कुछ ऐसे ही हालात बने हुए हैं।
ये थी कार्ययोजना
जुलाई 17 में नझाई बाजार, अगस्त माह में महावीरपुरा, लक्ष्मीपुरा, सितंबर माह में सिविल लाइन तृतीय, सिविल लाइन प्रथम, गांधीनगर द्वितीय, सिविल लाइन तृतीय, सुभाषपुरा, अक्तूबर माह में तालाबपुरा द्वितीय, कटरा बाजार, आजादपुरा द्वितीय, नदीपुरा, तालाबपुरा प्रथम, बड़ापुरा, नवंबर माह में गांधीनगर प्रथम, घुसयाना, आजादपुरा प्रथम, चौबयाना, रामनगर, रावतयाना द्वितीय, दिसंबर माह में आजादपुरा तृतीय, पिसनारी, खिरकापुरा, रावतयाना प्रथम, नेहरू नगर, सिद्दनपुरा को ओडीएफ किया जाना था। वर्ष 2017 बीतने के बाद भी शहर को ओडीएफ नहीं किया जा सका है।
लापरवाहों के खिलाफ हो कार्रवाई
बीते दिनों जिले के प्रभारी मंत्री सूर्यप्रताप शाही के निरीक्षण में जगह-जगह गंदगी व खुले में शौच होते हुए पाया गया। इससे समूचे बोर्ड की छवि धूमिल हुई है। जो लोग भी इसमें लापरवाही बरत रहे हैं, उनकी जिम्मेदारी तय करते हुए लापरवाहों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए, जिससे भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो।
पंकज जैन वरिष्ठ सभासद
जून माह तक होगा शहर ओडीएफ
जो कार्ययोजना बनाई गई थी, उसे समयांतर्गत पूरा नहीं किया जा सका है। अब इसे जून माह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
अवनींद्र कुुमार, अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद ललितपुर।