खेतों की सिंचाई में ट्रांसफार्मर का ग्रहण
नलकूप कनेक्शनों पर 162 ट्रांसफार्मरों की पैंडेंसी
स्टोर में मात्र दस ट्रांसफार्मर, आज प्राथमिकता से बंटेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जनपद में बिजली नलकूप कनेक्शनों के माध्यम से खेतों की सिंचाई करने के लिए ट्रांसफार्मरों का ग्रहण लग गया है। रबी की फसल का सीजन शुरू होने के कई सप्ताह बाद भी बिजली स्टोर में ट्रांसफार्मर की कमी बनी हुई है। नलकूप कनेक्शनों के लिए हजारों रुपये खर्च करने के बाद भी ट्रांसफार्मर नहीं मिलने से सिंचाई बाधित है।
जनपद में किसानों द्वारा खेतों की सिंचाई मुख्य रूप से नदी, नहर और विद्युत नलकूप कनेक्शनों के माध्यम से की जाती है। वहीं खेतों की सिंचाई के लिए विद्युत विभाग से भी किसानों द्वारा विद्युत नलकूप कनेक्शन लिए गए हैं, ताकि किसी भी सीजन में सिंचाई के लिए परेशान न होना पड़े। किसान एक माह पूर्व से रबी की फसल की बुवाई की तैयारी शुरू हो गई थी और वर्तमान में बुवाई के साथ ही सिंचाई का कार्य चल रहा है। नलकूप कनेक्शनों के माध्यम से सिंचाई के लिए किसानों को हर साल बिजली भंडार में ट्रांसफार्मर की अनुपलब्धता के चलते परेशान होना पड़ता है। विद्युत स्टोर की कार्यप्रणाली के चलते इस बार भी किसानों को ट्रांसफार्मर लेने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। नए विद्युत नलकूप कनेक्शन विद्युत स्टोर से सभी किसानों को तार, इंसुलेटर, खंभा आदि विद्युत सामान तो वितरित कर दिया गया है, लेकिन अब भी 80 उपभोक्ताओं को ट्रांसफार्मर दिया जाना बाकी है। जबकि पूर्व के कनेक्शनों पर अब तक क्षतिग्रस्त करीब 82 ट्रांसफार्मर विद्युत स्टोर में जमा किया गया है और इतने ही क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर बदले जाने हैं। नए विद्युत कनेक्शनों पर पिछले माह से अब तक मात्र तीन दर्जन ट्रांसफार्मर ही उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें किसानों को अब तक मात्र 20 ट्रांसफार्मर का वितरण किया जा सका है, जबकि दस ट्रांसफार्मर का वितरण आज शनिवार को सूची की प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। बाकी ट्रांसफार्मर सरकारी डिमांड के सापेक्ष उपलब्ध कराए हैं। वर्तमान में क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर बदलने के लिए 82 ट्रांसफार्मरों की पैंडेंसी चल रही है, जिसकी उपलब्धता विद्युत स्टोर में शून्य है। वहीं नए विद्युत कनेक्शनों के सामान वितरण के बाद अब भी 80 ट्रांसफार्मर किसानों को दिए जाने हैं, जिसकी पैंडेंसी लगातार कई दिनों से चल रही है। किसानों ने कई महीनों पूर्व से हजारों रुपये खर्च करके किसी प्रकार सिंचाई के लिए नलकूप कनेक्शनों के लिए आवेदन तो कर दिए, लेकिन विद्युत स्टोर में ट्रांसफार्मर उपलब्ध नहीं होने के चलते किसानों के सामने सिंचाई का संकट अब भी बरकरार है। यदि अगले एक से दो सप्ताह तक ही किसानों को ट्रांसफार्मर उपलब्ध नहीं होते हैं, तो उनका बिजली कनेक्शन लेने का उद्देश्य भी बेकार हो जाएगा।
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विद्युत स्टोर का है क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर बदलने का जिम्मा
सरकारी या निजी नलकूप विद्युत कनेक्शन पर लगाया गया यदि कोई ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होता है तो उसे बदलने का जिम्मा विद्युत भंडार विभाग का है। इसके लिए विद्युत भंडार ग्रह में सात लोडिंग गाड़ियां लगाई गई हैं। खराब होने की स्थिति में यह लोडिंग चार पहिया वाहन उस क्षेत्र में पहुंचकर ट्रांसफार्मर को उतारकर विद्युत भंडार केंद्र तक लाती हैं और उसके बदले स्टोर से दूसरा बदला हुआ सही ट्रांसफार्मर निशुल्क उस जगह तक पहुंचाती है।
इनका कहना है-
डिमांड भेजी, प्राथमिकता पर बंटेंगे ट्रांसफार्मर
पैंडेंसी के सापेक्ष ट्रांसफार्मरों की डिमांड आलाधिकारियों को भेजी गई है। उपलब्धता होने पर बनाई गई सूची में प्राथमिकता के आधार पर ट्रांसफार्मर का वितरण किया जा रहा है। शुक्रवार को नए कनक्शनों पर बारह ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराए गए हैं, जिनकी सूचना किसान उपभोक्ताओं को मोबाइल पर देकर शनिवार को प्राथमिकता के आधार पर वितरण कराया जाएगा। इनमें से दो ट्रांसफार्मर सीडीओ द्वारा बताए गए स्थानों पर भिजवाए जाएंगे। ट्रांसफार्मर या सामान वितरण में होने वाली समस्या के लिए उपभोक्ता उनसे 9415909510 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकता है, जिसका निस्तारण कराया जाएगा।
नरेंद्र कुमार श्रीवास, सहायक अभियंता विद्युत भंडार केंद्र।