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राजेश लिटौरिया लगातार तीसरे बार बने जिलाध्यक्ष

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राजेश लिटौरिया तीसरी बार बने जिलाध्यक्ष
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ललितपुर।
शुक्रवार को नगर संसाधन केंद्र में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की जिला कार्यकारिणी का चुनाव हुआ। जिला अध्यक्ष, मंत्री और कोषाध्यक्ष पद पर निर्वाचन प्रक्रिया हुई। इसमें दो बार से अध्यक्ष पद पर काबिज राजेश लिटौरिया एक बार फिर अध्यक्ष चुने गए।
नगर संसाधन केंद्र में प्राथमिक शिक्षक संघ की निर्वाचन प्रक्रिया सुबह आठ बजे से आयोजित की गई। प्रक्रिया का आयोजन निर्वाचन अधिकारी महेंद्र भाटिया की अध्यक्षता में किया गया जो जालौन के जिला अध्यक्ष है। वहीं पर्यवेक्षक के रूप में झांसी जिलामंत्री अजय यादव नामित किए गए थे। सर्वप्रथम प्रत्याशियों से नामांकन कराया गया, जिसमें उक्त तीनों पदों के सापेक्ष दो-दो प्रत्याशियों ने नामांकन किया। इसके बाद 10 से 11 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच की गई और इसके तुरंत बाद नाम वापसी के लिए आधा घंटे का मौका दिया, लेकिन किसी ने मैदान नहीं छोड़ा। इसके बाद साढ़े 11 बजे से मतदान करने की प्रक्रिया चालू की गई, जो दोपहर चार बजे तक चली। इसमें जनपद से चुने गए 246 डेलीगेट में से 243 डेलीगेट ने मतदान किए। पांच बजे निर्वाचन समिति के द्वारा पांच बजे तक परिणाम घोषित किए गए। इसमें जिला अध्यक्ष पद के लिए दो लोगों ने नामांकन किया, जिसमें राजेश लिटौरिया को 193 मत आए व कालका प्रसाद अवस्थी को 49 मत आए, इसमें 144 मतों से राजेश लिटौरिया लगातार तीसरी बार संगठन के जिलाध्यक्ष चुने गए। वहीं जिला मंत्री पद पर अरुण कुमार गोस्वामी को 153 और चंद्र प्रताप सिंह को 88 मत आए, इसमें अरुण गोस्वामी ने 65 मतों से जीत हासिल की। वहीं कोषाध्यक्ष पद पर आलोक श्रीवास्तव को 130 और संतोष रजक को 112 मत आए इसमें आलोक श्रीवास्तव 18 मतों से विजयी रहे। परिणाम घोषित होने के बाद सदस्यों व समर्थकों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को स्वागत किया और मिठाई बांटी। इस दौरान मुख्य रूप से विजय मिश्रा, साधना सोनी, वंदना, ऊषा रिछारिया, प्रमिला, अर्चना गौर, अखिलेष गोस्वामी, संजय श्रीवास्तव, प्रसून तिवारी, सरमल लाल आदि उपस्थित रहे।
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खुद जीते पर पैनल हारा
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष पद पर लगातार तीसरी बार जीने वाले राजेश लिटौरिया इस निर्वाचन में खुद तो जीत गए, लेकिन वह अपने पैनल को नहीं जिता सके। इस निर्वाचन प्रक्रिया में तीनों पदों से सापेक्ष दो-दो प्रत्याशी खड़े हुए थे, जिसमें खुलकर दो पैनल बने थे। चुनाव प्रचार-प्रसार में अध्यक्ष लटिौरिया ने मंत्री पद के लिए चंद्र प्रताप सिंह और कोषाध्यक्ष के लिए संतोष रजक के लिए खुलकर वोट मांगे थे। साथ ही निवार्चन प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन परिसर में भी वह अपने इसी पैनल को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंकते हुए भी नजर आए। मतदान होने के बाद जब परिणाम सामने आया तो उनके पैनल में केवल वह खुद ही जीत हासिल कर सके। वहीं पूर्व में जिलाध्यक्ष पद पर लिटौरिया र्निविरोध चुने गए थे। इस बार उनके विपक्ष में किसी ने ताल ठोकी है और 49 मत भी हासिल किए हैं। यह दर्शाता है कि अध्यक्ष लिटौरिया की जड़े संगठन में कमजोर पड़ती जा रही है।
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