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बिना प्रचार-प्रसार व जन जागरुकता के गुजर गया भू-जल सप्ताह

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बिना प्रचार-प्रसार के गुजर गया भू-जल सप्ताह
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ललितपुर।
गिरते भू-जल स्तर को रोकने के लिए 16 जुलाई से जागरूकता सप्ताह दिवस बनाया जाना था। शासन ने स्कूल-कॉलेजों और शैक्षिक संस्थानों को जन जागरूकता कार्यक्रमों की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब जागरूकता सप्ताह का अंतिम दिन शेष बचा हुआ है, लेकिन अब तक कार्यक्रम धरातल पर नहीं आ सके हैं।
प्रदेश में बारिश के पानी को जमा करने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है। स्थानीय लोगों में भी जागरूकता का अभाव है। इसके चलते वर्ष 2012 से हर वर्ष 16 से 22 जुलाई तक भू-जल जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है। इस वर्ष के भू-जल सप्ताह के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा शासन द्वारा विगत 05 जुलाई को ही जारी कर दी थी। इसमें जनपद स्तर पर जागरूकता सप्ताह को सफल बनाने के लिए जिम्मेदारी मुख्य रूप से डीएम व सीडीओ को सौंपी गई थी। इस जागरूकता सप्ताह का आयोजन शहरी व ग्रामीण लोगों को जागरूक करने के लिए जनपद, तहसील व ब्लॉक स्तर पर किया जाना था और इसके लिए स्थानीय स्कूल-कॉलेजों व शैक्षिक संस्थानों को व्यापक सहभागिता की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। स्कूल-कॉलेजों व शैक्षिक संस्थानों में इस संबंध पर परिचर्चा और संवाद, निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद, चित्रकला, स्लोगन राइटिंग व अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाना था। पूरा सप्ताह बीत गया है, लेकिन अभी तक जिला मुख्यालय पर किसी भी विद्यालयों, कॉलेज व शैक्षिक संस्थानों में इस तरह की किसी भी प्रतियोगिता का आयोजन नहीं किराया गया है। जब जिला मुख्यालय पर स्थित सरकारी विद्यालयों व संस्थानों की यह स्थिति है तो फिर ग्रामीण अंचलों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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यह भी होने थे कार्यक्रम
यह भू-जल सप्ताह बनाने के पीछे शासन की मुख्य मंशा है कि इस सप्ताह कार्यक्रम चलाकर आमजन को जागरूक किया जा सके। स्कूल-कॉलेजों व शैक्षिक संस्थानों में प्रतियोगिताओं के अलावा कठपुतली का प्रदर्शन, लोक नृत्य व गीत, नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया जाना था। साथ ही शहर व ग्रामीण इलाकों में जगह-जगह जागरूकता पोस्टर्स, होर्डिंग, बैनर्स लगाए जाने थे। प्रदर्शनी, मेलों, संगोष्ठियों, साइकिल परेड का आयोजन भी किया जाना था। इसके अलावा फिल्म व वृत्तचित्र, स्लाइड-शो, आकाशवाणी, रेडियो कार्यक्रम व दूरदर्शन आदि के माध्यम से भूजल संरक्षण संदेश को आमजन तक पहुंचाना था। इनमें से कुछ कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। लेकिन शासन की मंशा के अनुरूप व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सके हैं। कार्यक्रम में प्रतिभाग करने का जिम्मा कृषि विभाग, सिंचाई विभाग, जल संस्थान व जल निगम, नगर पालिका, राज पंचायव्त, जिला पंचायत, लघु सिंचाई व अन्य विभागों को दी गई थी।
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आदेश कर दिए थे जारी
भू-जल जागरूकता सप्ताह के संबंध में विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के लिए माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देेशित कर दिया गया था। गत रोज नगर पालिका बालिका इंटर कॉलेज में प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया है। अन्य विद्यालयों की स्थिति के बारे में जानकारी नहीं है।
- आरपी वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक, ललितपुर।
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