ललितपुर। लंबे समय के बाद परिषदीय विद्यालय सशर्त खोले जा रहे हैं। इसे ध्यान में रखकर विद्यालयों के प्रधानाध्यापक तैयारी में जुट गए हैं। उन्होंने अभिभावकों से सहमति पत्र लेने व विद्यालयों में कोविड से बचाव के लिए विभिन्न उपकरणों की व्यवस्था करनी शुरू कर दी है। विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारी मास्क लगाकर स्कूल पहुंचेंगे।
शासन ने विद्यालय खोलने की हरी झंडी दे दी है। बेसिक शिक्षा विभाग के निदेशक ने प्रदेश में कक्षा 6 से 8 तक के स्कूल 10 फरवरी से खोलने के निर्देश दिए हैं। कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों का शिक्षण कार्य एक मार्च से शुरू किया जाएगा। इसके तहत स्कूल में 50 फीसदी बच्चे ही बुलाए जाएंगे। बच्चों को स्कूल बुलाने से पहले अभिभावकों से सहमति पत्र लिया जाएगा। किसी भी दिन कक्षा में कुल क्षमता के 50 फीसदी से अधिक उपस्थिति नहीं होगी। यदि बच्चों में कोरोना के लक्षण हैं तो उन्हें स्कूल नहीं भेजने के लिए कहा गया है। किसी बच्चे में लक्षण दिखने पर नजदीक के अस्पताल पहुंचाया जाएगा।
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10 फरवरी से शिक्षण कार्य के लिए विद्यालय का पुन: संचालन किया जा रहा है। कोरोनाकाल में बच्चों की शिक्षा ज्यादा प्रभावित हुई है। शासन से प्राप्त निर्देशों के क्रम में विद्यालय और प्रबंध समिति की ओर से विद्यालय संचालन से संबंधित सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। इसमें थर्मल स्कैनर, पल्स ऑक्सीमीटर, डिजिटल थर्मामीटर, सैनीटाइजर, कक्षा में सोशल डिस्टेंसिंग बैठक व्यवस्था, मल्टीपल हैंडवाश यूनिट एवं मध्याह्न भोजन की व्यवस्था शामिल है। सभी शिक्षक अपने पूर्ण मनोयोग से शिक्षण कार्य करने के लिए तैयार हैं।
- ब्रजेश तिवारी, प्रधानाध्यापक पूर्व माध्यमिक विद्यालय मैरतीकलां
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कोविड-19 महामारी के मध्य विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। इसका हम स्वागत करते हैं। स्कूल नहीं खुलने से तमाम बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। अब विद्यालय खुलने से बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जा सकेगा। जो बच्चे पाठ्यक्रम से पिछड़ गए हैं, उन्हें उपचारात्मक शिक्षा दी जाएगी। अभिभावकों की सहमति के बाद ही बच्चों को विद्यालय में शिक्षण कार्य हेतु बुलाया जाएगा, विद्यालय में पूर्ण रूप से सफाई, सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनर का उपयोग एवं मास्क का प्रयोग कराया जाएगा। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा।
-आशीष मिश्रा, प्रधानाध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय रजवारा
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कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों का शिक्षण कार्य दस फरवरी से और कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों का शिक्षण कार्य एक मार्च से प्रारंभ किया जाएगा। समस्त खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर कोविड-19 के प्रोटोकॉल का अनुपालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
- रामप्रवेश, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी