ललितपुर। शहर के समीप ग्राम दैलवारा में 50 शय्या आयुष अस्पताल खोला गया था। यह अस्पताल मरीजों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका है। संसाधनों की कमी के कारण यहां पंचकर्म और भर्ती कर उपचार देने जैसी सुविधाएं ठप हो गई हैं।
वर्तमान में उपचार की आस में आने वाले मरीजों को केवल परामर्श मिल पा रहा है। शासन ने आयुर्वेद, योग, यूनानी और होम्योपैथी से इलाज की सुविधा देने का दावा किया था। इसमें पंचकर्म, योग, फिजियोथेरेपी और नेचुरोपैथी जैसी सुविधाएं शामिल थीं। आयुर्वेदिक उपचार एलोपैथी की तुलना में सस्ता होने से निर्धन मरीज यहां पहुंचते हैं। लेकिन अस्पताल में उन्हें समुचित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। पंचकर्म सुविधा लगभग तीन माह से पूरी तरह ठप पड़ी है। इससे मरीज निराश होकर वापस लौट रहे हैं। फिजियोथेरेपी के उपकरण और मशीनें भी उपलब्ध नहीं हैं। बजट के अभाव में रसोईघर और कई कार्यक्रम भी बंद पड़े हैं। यही कारण है कि सात चिकित्सक होने के बावजूद केवल 150 मरीज ही आ रहे हैं।
अस्पताल में पानी का संकट
अस्पताल में अभी तक पानी की पर्याप्त सुविधा नहीं हो पाई है। उपयोग के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। शौचालय और अन्य सुविधाओं के लिए भी पानी का अभाव है। हाल ही में एक नल का कनेक्शन कराया गया, पर उससे पीने के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिलता। इससे आने वाले मरीजों को पानी के संकट का सामना करना पड़ रहा है।
चार माह से नहीं है अधीक्षक
दैलवारा स्थित आयुष अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक का स्थानांतरण जून माह में हो गया था। तब से अब तक इस पद पर किसी की तैनाती नहीं हुई है। अस्पताल प्रभारी के सहारे संचालित हो रहा है। अधीक्षक न होने से अस्पताल में बजट का संकट बना हुआ है। इसी वजह से कई अन्य सुविधाएं भी ठप पड़ी हैं।
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आयुष अस्पताल में बजट की कमी है। पानी की सुविधा नहीं हो पा रही है। इससे पंचकर्म व भर्ती करने में परेशानी है।-डॉ. प्रशांत निरंजन, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक, आयुष अस्पताल दैलवारा, ललितपुर