पर्यटन क्षेत्र पंडवन का होगा कायाकल्प
निरीक्षण कर एडीएम ने तलाशी विकास की संभावनाएं
पेयजल व्यवस्था, शौचालय व पक्का रास्ता बनाने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूूरो
ललितपुर/डोंगराखुर्द। धार्मिक व पर्यटन क्षेत्र पंडवन में विकास की संभावनाएं तलाशने के लिए अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने एसडीएम पाली व अन्य अधिकारियों के साथ स्थान का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस पर्यटन महत्व के स्थल में आवश्यक जनसुविधाएं मुहैया कराए जाने के निर्देश दिए।
तहसील पाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डोंगराखुर्द के पास पारौल गांव से करीब पांच किलोमीटर दूर विंध्याचल पर्वत श्रृंखला पर जामनी नदी के तट पर करीब डेढ़ सौ फीट ऊंची पहाड़ी पर सिद्घ क्षेत्र तपो भूमि पंडवन स्थित है। गत दिवस अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने पंडवन क्षेत्र का भ्रमण किया और यहां की अव्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने यहां अधिकारियों व आम जनता के साथ बैठक कर यहां विकास की संभावनाओं पर मंथन भी किया। स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया कि यहां मकर संक्रांति पर मेला का आयोजन किया जाता है, इसमें हजारों की संख्या में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों से भी भारी संख्या में लोग यहां मेला में पहुंचते हैं। लेकिन, यहां पानी, बिजली और ठहरने एवं शौचालय जैसी जनसुविधाएं नहीं है, इसके चलते श्रद्घालुओं को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। एडीएम ने पंडवन मंदिर क्षेत्र परिसर में सुलभ शौचालय और तीन हैंडपंप लगाने के लिए निर्देशित किया। यहां ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पारौल से करीब पांच किलोमीटर तक कच्चे रास्ते से पंडवन पहुंचने में श्रद्घालुओं व पर्यटकों को काफी परेशानी होती है, इस समस्या को देखते हुए पक्के रास्ते का निर्माण कराया जाना जरूरी है। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पक्के रोड का निर्माण कराए जाने के लिए कहा। किंवदंती है कि पंडवन क्षेत्र में महाभारत काल में पांडवों ने अज्ञातवास बिताया था और पांडवों ने यहां राई सैरा नृत्य किया था। ऐसा माना जा है कि उनके पद चिह्न पर्वत श्रृंखला से करीब सौ फीट गहराई में जामनी नदी में पत्थरों की सिलाओं पर बने हैं। जामनी नदी के तट पर द्रोपदी सहित पांचों पांडवों द्वारा स्थापित पिंडीनुमा मूर्तियां आज भी स्थित हैं और यहां एक कुंड भी है, जिसका जल बैसे तो कभी भी नहीं सूखता है, पर इस कुंड का जल ज्येष्ठ मास में ढाई दिन के लिए सूख जाता है। इस मौके पर उपजिलाधिकारी पाली नरेंद्र सिंह, उपजिलाधिकारी सदर घनश्याम वर्मा, उपजिलाधिकारी महरौनी धीरेंद्र सिंह, मड़ावरा मनोज कुमार, ग्राम प्रधान चंदन सिंह आदि उपस्थित रहे। वहीं ग्राम प्रधान ने बताया कि इस क्षेत्र में विकास के लिए कुुछ बजट ग्राम सभा का भी खर्च करेंगे, जो बजट धार्मिक स्थलों के लिए खर्च करने आता है व पैसा पंडवन में लगाया जाएगा।