साल बीती, अमृत योजना का काम नहीं हुआ पूरा
अमृत योजना के तहत शहर के शत-प्रतिशत घरों में नलों के नि:शुल्क कनेक्शन कराए जा रहे हैं। पिछले साल शुरू हुई इस योजना में चार हजार नौ सौ 42 कनेक्शन किए जाने थे, मार्च को खत्म हुई इस योजना की समयावधि तक इस एक वर्ष में मात्र 1,925 नलों के कनेक्शन ही हो पाए हैं। विभागीय अधिकारी ने इस योजना की समय अवधि को 30 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दिया है, जबकि तय लक्ष्य के मुताबिक अभी तीन हजार 17 नलों का कनेक्शन किया जाना शेष है।
गौरतलब है कि शहर क्षेत्रों का कायाकल्प करने के लिए भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही अमृत योजना के तहत शहर के सभी घरों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए नि:शुल्क घरेलू कनेक्शन दिए जा रहे हैं। शासन ने इस योजना को वित्तीय वर्ष 2016-17 में स्वीकृति दी थी और इस कार्य के लिए जल निगम निर्माण इकाई विभाग को कार्यदायी संस्था नामित किया है। इस कार्ययोजना के तहत नेहरु नगर क्षेत्र को छोड़कर शहर के बकाया ऐसे घरों में नल कनेक्शन किए जाने थे जहां पर नलों के कनेक्शन नहीं है। जल संस्थान की सर्वे के रिपोर्ट के आधार पर शहर में कुल 4,942 घरों में नल कनेक्शन किए जाने थे। इसके लिए लगभग दो करोड़ रुपए की लागत स्वीकृत की गई थी और निर्माण कार्य की जिम्मेदारी विभाग ने अपने ठेकेदार को दी थी। कार्ययोजना को एक वर्ष से अधिक समय बीतने साथ ही कार्ययोजना की समय अवधि भी समाप्त हो चुकी है। ठेकेदार द्वारा इस एक वर्ष में मात्र 1,925 ही नलों के कनेक्शन कराए गए हैं। वर्तमान स्थिति को देखते हुए विभाग ने कार्ययोजना की समय अवधि को एक माह के लिए बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया गया है। यहां विभागीय अधिकारी स्वयं नहीं समझ पा रहे हैं, जब ठेकेदार द्वारा एक वर्ष में मात्र 1,925 नलों के ही कनेक्शन किए गए हैं ।
बिना अनुमति के खोद डाली शहर की सड़कें
अमृत योजना के तहत शहर में किए जा रहे घरेलू कनेक्शन का काम विगत एक वर्ष से चल रहा है और अभी शहर के विभिन्न मुहल्लों में 40 प्रतिशत नलों के कनेक्शन भी किए जा चुके हैं। इन नलों के कनेक्शन के लिए शहर की सड़कों को खोदा जा रहा है, लेकिन विभाग ने सड़क खोदने के लिए नगर पालिका से कोई अनुमति नहीं ली है। एक वर्ष बिना अनुमति के शहर के सड़कें खोद देने के बाद पिछले महीने ही जल निगम ने नगर पालिका से सड़कों को खोदने की अनुमति ली है। वहीं, विभाग या ठेकेदार द्वारा नगर पालिका में कोई जमानत राशि भी जमा नहीं कराई है। ठेकेदार ने आश्वासन दिया है कि पूरा कार्य होने के बाद सड़क की मरम्मत करा देगा।
पांच मीटर से अधिक दूरी पर नहीं दिया जाएगा कनेक्शन
शहर में कई जगह पर ठेकेदार के कर्मचारियों ने पूर्व में मुहल्लों में बिछी पाइपलाइन से कई मीटरों की दूूरी तक नल कनेक्शन कर दिए हैं। जब इसकी शिकायती स्थानीय लोगों ने जल निगम के अधिकारियों से गई तो विभाग के अधिशासी अभियंता ने ठेकेदार को निर्देशित कर दिया है कि पाइप लाइन से पांच मीटर से अधिक दूरी पर नलों के कनेक्शन नहीं किए जाएंगे। वहीं, कई जगहों पर ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा नलों के पाइप को बिना टोंटी लगाए हुए खुला ही छोड़ दिया जा रहा है, जिससे पानी नालियों में बहकर बर्बाद हो रहा है।
अप्रैल तक के लिए बढ़ा दी कार्ययोजना
घरेलू कनेक्शन योजना की समय अवधि को अप्रैल माह तक के लिए बढ़ा दिया गया है। कार्य में तेजी लाने और व्यवस्थित तरीके से काम कराने के लिए तीन माह पूर्व जल निगम के साथ-साथ जल संस्थान व नगर पालिका तीनों ही विभागों के जेई की एक टीम गठित कर दी गई है। टीम के गठित होने के बाद कार्य में तेजी आई है।
-प्रवीण कुमार कुट्टी
परियोजना प्रबंधक, जल निगम निर्माण खंड, ललितपुर।