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मिट्टी व मौरंग चोरों ने बांध की तलहटी को कर दिया खोखला

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मिट्टी व मौरंग चोरों ने बांध की तलहटी को कर दिया खोखला
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ललितपुर। जिला मुख्यालय पर प्रशासन की नाक के नीचे खनन माफिया ने गोविंद सागर बांध की तलहटी को खोद-खोद कर खोखला कर दिया है। डीएम के निर्देशन पर छापामारी की गई, लेकिन खनन माफिया फुर्र हो गए। मौके से केवल तसला व फावड़ा जैसे छोटे उपकरण ही टीम के हाथ लगे हैं।
शहर में स्थित गोविंद सागर बांध की तलहटी हमेशा से ही मिट्टी व मौरंग चोरों के निशाने पर रहा है। कुछ स्थानीय दबंगों द्वारा सीतापाठ धाम के पीछे गोविंद सागर बांध की तलहटी को खोखला किया जा चुका है, जो अब प्रशासन की सख्ती के बाद बंद है। पिछले दो-तीन वर्षों से इन मिट्टी व मौरंग चोरों ने नई बस्ती पुलिस चौकी क्षेत्र में चंडीमाता मंदिर के पीछे रेलवे की माल गोदाम की ओर बांध की तलहटी को अपना निशाना बनाया हुआ है। यहां पर इन खनन माफिया ने गोविंद सागर बांध के बंध को ही खोद-खोद कर खत्म कर दिया है और तलहटी की कई एकड़ जमीन को खोखला कर दिया है। शनिवार की सुबह खनन की शिकायत मिलने पर डीएम मानवेंद्र सिंह के निर्देशन पर खनिज विभाग व राजस्व विभाग की टीम ने गोविंद सागर बांध की तलहटी पर छापामार कार्रवाई की। जिला खनिज अधिकारी अरविंद कुमार ने निर्देशन पर खनिज मोहरिल सुनील दुबे व सदर तहसीलदार हेमंत चौधरी के नेतृत्व में छापामार कार्रवाई की गई। इस दौरान टीम को देखकर खनन कर रहे लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली व अन्य सामान लेकर भाग निकले, टीम ने केवल मौके से एक तलसा व फावड़ा बरामद किया है।
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रेलवे की जमीन पर भी हो रहा खनन
रेलवे माल गोदाम के पास रेलवे की काफी बड़ी जमीन है, जो गोविंद सागर बांध के बंध से सटी हुई है। इन मिट्टी व मौरंग चोरों ने रेलवे विभाग की जमीन को भी नहीं छोड़ा है। बंध को खोदकर और रेलवे की चारदीवारी को तोड़कर कई जगहों से खोद कर खोखला कर दिया है।
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पुलिस की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में
बांध की तलहटी को खोखला करने का काम दिन दहाड़े व खुलेआम बेखौफ होकर किया जा रहा है। इन मिट्टी चोरों को किसी का खौफ नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार हर रोज कम से कम दस ट्रॉली मौरंग खोदी जाती है और इनको ले जाने का एक ही रास्ता है, तो बंध से होता हुआ चंडीमाता मंदिर के पीछे आबादी वाले क्षेत्र से ही गुजरता है। मौका स्थल के पास नई बस्ती व नेहरू नगर दो पुलिस चौकी पड़ती है, इसके बावजूद इन खनन माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। स्थानीय लोग तो इन खनन माफिया की पुलिस से सांठ-गांठ होने की बात भी कहते हैं।
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