ललितपुर। जनपद के 415 ग्राम प्रधानों से आज आधी रात कुर्सी छिन जाएगी। इसके बाद उनके नाम के आगे पूर्व प्रधान संबोधन लग जाएगा। कार्यकाल खत्म होने के साथ उनके सभी वित्तीय अधिकार भी सीज कर दिए जाएंगे। इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए गए। प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने पर बतौर प्रशासक कौन होगा यह अभी तय नहीं हो सका है।
ग्राम पंचायतों का गठन 25 दिसंबर 2015 को हुआ था। इसी दिन ग्राम प्रधानों को शपथ भी दिलाई गई। जनपद में कुल 415 ग्राम पंचायतें हैं। कार्यकाल पूरा होने पर शुक्रवार की आधी रात प्रधान समेत ग्राम पंचायत सदस्य पैदल हो जाएंगे। कार्यकाल खत्म होने के साथ उनके वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार भी सीज कर दिए जाएंगे। जिलाधिकारी ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए। इसके मुताबिक आधी रात से ही ग्राम प्रधान चेकर के रूप में कोई भुगतान नहीं कर सकेंगे। सभी ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों की डीएससी ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर आधी रात से अनरजिस्टर्ड कर दी जाएगी। उनके अनरजिस्टर्ड होने के बाद शासन से नामित प्रतिनिधि के चेकर की डीएससी ई-स्वराज पोर्टल पर रजिस्टर्ड की जाएगी। जिलाधिकारी की ओर से कार्यकाल खत्म होने के बाद पोर्टल पर ग्राम प्रधान की ओर से एफटीओ एप्रूव किए जाने पर ग्राम पंचायत सचिव, संबंधित विकास खंड के सहायक विकास अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी को जिम्मेदार ठहराने का अल्टीमेटम दिया गया है। ग्राम प्रधान के स्थान पर पंचायत की गतिविधि संचालित करने के लिए एडीओ को प्रशासक बनाया जाएगा, हालांकि अभी तक इस संबंध में आदेश नहीं आया है। आदेश का इंतजार किया जा रहा।
ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होते ही 25 दिसंबर की रात 12 बजे से जिले के 415 ग्राम प्रधानों के बैंक खाते सीज हो जाएंगे। निदेशक पंचायती राज ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर पंचम राज्य वित्त आयोग एवं 15 वें वित्त आयोग से ग्राम प्रधानों की डीएससी (डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट) को निरस्त करने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। बीते महीनों में 15 वें वित्त आयोग के तहत जिले की 415 ग्राम पंचायतों को 27 करोड़ रुपये की धनराशि मुहैया कराई गई थी। इसमें टाइड फंड से गांव में पेयजल आपूर्ति, हैंडपंप आदि के कार्य कराए गए। अनटाइड फंड से नाली, खड़ंजा और सीसी रोड के कार्य कराए गए। इसके अतिरिक्त स्कूलों का कायाकल्प व सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया। कोविड- 19 से बचाव के लिए उपकरणों की खरीद की गई। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। इसे ध्यान में रखकर शासन स्तर से प्राप्त निर्देश के क्रम में जनपद स्तर पर कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। शासन से आए निर्देश में कहा गया कि ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधानों द्वारा कोई भी भुगतान 25 दिसंबर के बाद नहीं किया जाए।
----
तय नहीं हो सके प्रशासक
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर को समाप्त हो रहा है, लेकिन अभी तक प्रशासक तय नहीं हो पाए हैं। इससे पहले ग्राम पंचायत संगठन एडीओ पंचायत को प्रशासक बनाने का विरोध कर चुके हैं। इस मामले में अभी असमंजस बना हुआ है।
----
ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। 25 दिसंबर की रात 12 बजे के बाद ग्राम प्रधान कोई भुगतान नहीं कर सकेंगे। ग्राम प्रधान एवं ग्राम पंचायत सचिव का संयुक्त बैंक खाता रहता है, इसलिए गलत तरीके से भुगतान होने की संभावना नहीं है। यदि कोई ऐसा करता है तो उसे जेल भेजा जाएगा।
- डा. अवधेश सिंह
जिला पंचायत राज अधिकारी
इनसेट
काम निपटाने में जुटे रहे प्रधान
कार्यकाल खत्म होने के चंद घंटे शेष बचे होने पर ग्राम प्रधानों ने धड़ाधड़ काम निपटाने शुरू कर दिए। हालांकि तमाम ग्राम सभाओं में सामुदायिक शौचालय, पंचायत भवन, गोशाला समेत सरकारी योजनाओं में ही ज्यादातर पैसे खर्च हो गए लेकिन, इसके बावजूद कई ग्राम पंचायतों के पास अपनी निधि बची हुई है। ग्राम प्रधान आखिरी दौर में इसे निपटाने में जुटे रहे। डीपीआरओ कार्यालय में भी आज सारा दिन सरगर्मी दिखाई पड़ी।