टैक्स की नीति से व्यापार में होगी सहूलियत
ललितपुर।
संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल ने केंद्र सरकार द्वारा एक जुलाई से जीएसटी बिल लागू करने का स्वागत करते हुए कहा कि जीएसटी की एक देश एक टैक्स की नीति से व्यापार में सहूलियत होगी। मंडल कार्यकर्ताओं ने 20 की जगह 24 लाख रुपये वार्षिक व्यापार करने वाले को पंजीयन से छूट का प्रावधान करने की मांग की।
संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल की कार्यालय में आयोजित बैठक में संयोजक सुमित अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा एक जुलाई से वस्तु और सेवाकर यानी जीएसटी कर प्रणाली पूरे देश में लागू की जा रही है। यह जीएसटी बिल व्यापारियों के साथ-साथ आम जनमानस का ख्याल भी करता है। जीएसटी में जो एक देश एक टैक्स की नीति है, उससे व्यापार करने में काफी सहूलियत होगी। वहीं, दूसरी ओर अन्य प्रांतों से टैक्स चोरी करके बाजार भाव में विसंगति पैदा करने वाले व्यापारी माफिया पर भी लगाम लगेगी। जीएसटी लागू होने से आवश्यक वस्तुओं के दामों में कमी आएगी। दुनिया के कई देशों में जीएसटी टैक्स प्रणाली काम कर रही है और ईमानदार व्यापारियों को घबराने की जरूरत नहीं होती है। कुछ लोग जीएसटी को लेकर भ्रांतियां और अफवाह फेला रहे हैं। यह वही लोग हैं जो अभी तक करापवंचन कर करोड़ों रुपये की चपत राज्य व केंद्र सरकार को लगा चुके हैं। संगठन ने केंद्र सरकार से अपील की कि बीस लाख रुपये वार्षिक व्यापार करने वालों को पंजीयन से मुक्त रखा गया है, उसकी समय सीमा बढ़ाकर 24 लाख रुपये तक वार्षिक व्यापार करने वालों तक की जाए। बैठक में करीम राईन, कैलाश प्रजापति, मोहित जैन, अनिल जैन, विवेक सर्राफ, चरण सिंह, रामगोपाल ताम्रकार, राजेश सोनी, राम साहू, मूलचंद्र राय, राजेश साहू, विवेक शर्मा, अमित निरंजन, नरेंद्र तिवारी, राकेश जैन, अमजद राईन, बृजेश ताम्रकार उपस्थित रहे।