नशामुक्त अभियान चलाएंगी क्षत्रिय महासभा
ललितपुर। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने क्षत्रिय कुलभूषण महाराजा महाराणा प्रताप की 479 वी जयंती मनाई। इस दौरान नशामुक्ति अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। जिलाध्यक्ष बृजेंद्र सिंह परमार ने कहा कि महाराणा प्रताप का जन्म नौ मई 1540 को कुम्भलगढ़ दुर्ग राजस्थान में महाराजा उदय सिंह के यहां हुआ था। इनकी माता जी का नाम महारानी जयवंती बाई था। 21 जून 1576 को मुगल सेना और प्रताप सेना के बीच गोगुड़ा राजस्थान में हल्दी घाटी का युद्ध हुआ था। जिला महामंत्री भगवत सिंह बैस ने कहा कि महाराणा प्रताप जब युद्ध में जाते थे तो वे अपने साथ 81 किलोग्राम का भाला, 72 किलोग्राम का कवच, तलवार आदि कुल मिलाकर सभी शस्त्रों का वजन 208 किलोग्राम का सामान लेकर युद्ध करने जाते थे। प्रदेश संगठन मंत्री बॉबी राजा पटसेमरा ने कहा कि महाराणा प्रताप ने अपने घोड़े चेतक के साथ मुगलों से अनेक राष्ट्र हित के लिए लड़ाइयां लड़ीं। उन्होंने जंगलों में घास की रोटियां खाईं, लेकिन किसी जीव की हत्या नहीं की और न कभी नशा किया। इस मौके पर सभी ने जिले में नशा मुक्ति अभियान चलाने पर सहमति व्यक्त की।
प्रधान संघ अध्यक्ष जीतू राजा ने कहा कि समाज में युवा नशा की लती होते जा रहे हैं। नाती राजा जाखलौन ने शहर में महाराणा प्रताप की प्रतिमा किसी भी चौराहे पर स्थापित कराने पर जोर दिया। बैठक में गोपाल सिंह तोमर, भूपेंद्र सिंह तोमर, महिला जिलाध्यक्ष बेबी राजा बुंदेला, राजेंद्र सिंह राजावत, हरपाल सिंह चंदेल, जितेंद्र सिंह बैस, भरत सिंह चौहान, राजेंद्र सिंह राठौर, राघवेंद्र सिंह सिसोदिया, जंडेल सिंह, अखंड प्रताप सिंह, विपेंद्र सिंह परमार, रानू राजा, चंचल राजा, सुंदरपाल सिंह, सरदार सिंह बुंदेला, कृष्ण गोपाल सिंह बुंदेला उपस्थित रहे।