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जाखलौन पंप की नहर खुलवाए जाने की मांग

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जाखलौन पंप की नहर खुलवाने की मांग
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ललितपुर। बिजली की मांग को लेकर किसानों ने संपूर्ण समाधान दिवस में ज्ञापन सौंपकर बिजली दिलवाने की मांग की है। उन्होंने ज्ञापन में बताया कि किसानों ने खेतों में बीज बो दिया है। इसको पानी की आवश्यक है। खेतों में पानी नहीं दिया गया तो फसल खत्म होने की कगार पर आ चुुकी है। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों द्वारा इस ओर कोई ध्यान आकर्षित नहीं किया जा रहा है। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों ने कहा कि पहले भी ओलावृष्टि व अतिवृष्टि से फसलें नष्ट होती रहीं है। इसके कारण किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। इस बार भी पानी न मिलने से किसान भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे। अमरपुर, नयाखेरा, सिद्घपुुरा, करगन आदि गांव के किसानों ने पानी दिलवाए जाने की मांग की है। इस दौरान करगन प्रधान राजेश सिंह, शंकर सिंह यादव, घनश्याम, रामसेवक बरार, जवाहर, बाबूलाल, देशराज, भागीरथ सुमन, दातार, रामरती, रामसिंह, बृजभान सिंह, विनोद, देवेंद्र सिंह, अभिषेक यादव, रामकुमार, चंद्रपाल, देशराज सिंह, प्रदीप मौजूद रहे। वहीं, सिलगन, वैरवारा, कुआंतला के किसानों ने तहसील दिवस में ज्ञापन सौंपकर नहर को खुलवाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि पंप केनाल का पानी बर्बाद किया जा रहा है। लेकिन किसानों को पानी न मिलने से फसलें सूखने की कगार पर हैं । 40 दिन पूर्व पानी आया था। तब से अभी तक पानी नहीं आया है। किसानों ने पानी को दिलवाने की मांग की है। नहर न खुलने पर हम सभी किसान अनशन पर बैठने के लिए बाध्य होंगे। इसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। इस दौरान गोतम पाल, छोटेलाल, रतन, राजपाल, परमानंद, हरनारायण, घनश्याम, मगनलाल मौजूद रहे।
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