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अवैध कोचिंग नहीं, बंद हुआ अभियान

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अवैध कोचिंग की जगह अभियान हो गया बंद
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ललितपुर। अवैध कोचिंग रोकने के लिए जिलाधिकारी के निर्देशन पर जिला व ब्लॉक स्तरीय टीम गठित की गई थी और एफआईआर के आदेश दिए थे। दो माह से अधिक समय बीत गया है, लेकिन अभी तक किसी भी अवैध कोचिंग के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। वर्तमान में तैनात जिला विद्यालय निरीक्षक को जनपद का पदभार ग्रहण किए एक माह हो गया है, लेकिन इनके द्वारा अभियान का श्रीगणेश भी नहीं किया गया है। तत्कालीन डीआईओएस ने बीते माह जिला मुख्यालय पर चार कोचिंग संचालकों को नोटिस जारी किया था, लेकिन अभी तक पूरा मामला और अभियान ठंडे बस्ते में डला हुआ है। वहीं ब्लॉक स्तीय टीमों ने भी अभी तक अपना खाता नहीं खोला है।
जनपद में लंबे समय से संचालित चल रहे अवैध कोचिंगों के गोरखधंधे पर अंकुश लगाने के लिए बीते सितंबर माह में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह के निर्देशन पर जिला विद्यालय निरीक्षक के तत्वावधान में जिला व ब्लॉक स्तरीय छापामार टीम गठित की गई थी और अवैध कोचिंग संचालकों के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए थे। इसके बाद तत्कालीन प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक जेपी राजपूत के नेतृत्व में विगत 04 अक्तूबर को शहर में चेकिंग अभियान चलाया गया था और अवैध तरीके से संचालित चार कोचिंग को पकड़ा था और चारों कोचिंग संचालकों को नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए थे। विगत अक्तूबर माह के अंत में वीरेंद्र कुमार दुबे ने जिला विद्यालय निरीक्षक पद की कमान संभाल ली। इनको जनपद में आए पूरा एक माह हो चुका है, लेकिन अभी तक उनके द्वारा अवैध कोचिंग पर अंकुश लगाने के लिए चेकिंग अभियान की शुरुआत भी नहीं की गई है। वहीं पूर्व में पकड़े गई चार अवैध कोचिंगों का पूरा मामला ठंडे बस्ते में डला हुआ है। यही हालत जनपद के समस्त छह ब्लॉकों पर गठित टीमों के भी है। अभी तक किसी भी टीम ने अपने क्षेत्र में अवैध कोचिंग पकड़ने का खाता भी नहीं खोला है। जिम्मेदार अधिकारियों की लचर कार्यप्रणाली का नतीजा यह है कि जिला मुख्यालय पर ऐसी कई प्रचलित कोचिंग संचालित हो रही हैं, जिनका कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है। इसके साथ ही इन अवैध कोचिंगों पर सरकारी अध्यापक कोचिंग पढ़ा रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग के सरकारी शिक्षकों पर तो अधिकारियों की नजर बनी रहती है, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के सरकारी अध्यापक भी शहर में काफी बड़े स्तर पर कोचिंग संचालित कर रहे हैं। शहर का मुख्य बाजार क्षेत्र, तालाबपुरा और पुराना सूचना केंद्र अवैध कोचिंगों का मुख्य केंद्र है। यहां खुलेआम अवैध कोचिंगें संचालित की जा रही है। यही हालात ग्रामीण इलाकों का भी है जहां सरकारी अध्यापक बच्चों पर दबाव बनाकर कोचिंगें संचालित कर रहे हैं और अभिभावकों की जेब पर डाका डाल रहे हैं।
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इन कोचिंग संचालकों को हुए थे नोटिस जारी
विगत अक्टूबर माह में छापामारी कार्रवाई के दौरान आजादपुरा सोनी मिलन पैलेस के पास कोचिंग संचालित कर रहे दो संचालकों आदित्य साहू पुत्र शिवलाल निवासी शांति नगर और विकास कुमार पुत्र महेश निवासी मुहल्ला गांधीनगर, मुहल्ला रावतयाना में कोचिंग संचालित कर रहे स्थानीय निवासी राहुल पुत्र रामकुमार और घंटाघर के पास संचालित कॉम्पटीशन की कोचिंग के संचालक संजय जैन पुत्र शिखरचंद्र को नोटिस जारी किया, और स्पष्टीकरण भी तलब किया था। दो माह बीतने वाले हैं, लेकिन सारा मामला व अभियान ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है।
यह थी ब्लॉक स्तरीय टीम
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह के निर्देशन पर तत्कालीन प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक जेपी राजपूत के द्वारा जिला मुख्यालय पर गठित टीम में नगर क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी, राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य और एक सीनियर प्रवक्ता को शामिल किया गया है। इसी तरह विकासखंड बार क्षेत्र में खंड शिक्षा अधिकारी बार और राजकीय इंटर कालेज बार के प्रधानाचार्य व एक सीनियर अध्यापक को विकासखंड महरौनी क्षेत्र में खंड शिक्षा अधिकारी महरौनी और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज महरौनी की प्रधानाचार्या व एक सीनियर प्रवक्ता को, विकासखंड तालबेहट क्षेत्र में खंड शिक्षा अधिकारी तालबेहट और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज तालबेहट की प्रधानाचार्या व एक सीनियर प्रवक्ता को शामिल किया गया है। इसी तरह विकासखंड बिरधा क्षेत्र में खंड शिक्षा अधिकारी बिरधा और राजकीय हाई स्कूल निवाई के प्रधानाचार्य व सीनियर अध्यापक को, विकासखंड जखौरा क्षेत्र में खंड शिक्षा अधिकारी जखौरा और राजकीय इंटर कॉलेज जखौरा के प्रधानाचार्य व एक सीनियर अध्यापक को, वहीं विकासखंड मडावरा क्षेत्र में खंड शिक्षा अधिकारी मड़ावरा और सरस्वती मन्दिर इण्टर कॉलेज मडावरा के प्रधानाचार्य व एक सीनियर प्रवक्ता को कोचिंग निरीक्षण कमेटी में शामिल किया गया है। इस टीम को अपने-अपने क्षेत्र में संचालित अवैध कोचिंगों पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिलाधिकारी के निर्देश व अभियान दोनों ही दम तोड़ रहे हैं।
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अवैध कोचिंगों पर जरूर होगी कार्रवाई
अवैध कोचिंगों के साथ-साथ कोचिंग पढ़ा रहे सरकारी अध्यापकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। निकाय चुनाव के बाद अभियान चालू किया जाएगा। इसके साथ ही विद्यालय संचालन के समय पर कोई भी कोचिंग संचालित नहीं की जाएगी।
-वीरेंद्र कुमार दुबे
जिला विद्यालय निरीक्षक, ललितपुर।
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