ललितपुर। नगर क्षेत्र में संचालित परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। पूरे नगर क्षेत्र में संचालित परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों की कुल संख्या 35 है, जबकि इसके सापेक्ष प्रधानाध्यापक व अध्यापकों की संख्या मिलाकर मात्र 34 है, जो विद्यालयों की संख्या से भी कम है। शिक्षकों के अभाव में परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है।
नगर क्षेत्र में संचालित यदि उच्च प्राथमिक विद्यालयों की बात करें तो कुल उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 09 है, लेकिन इनमें से किसी भी उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कोई भी प्रधानाध्यापक नहीं है। इन विद्यालयों में तैनात कुल 14 सहायक अध्यापक ही प्रधानाध्यापक का भी काम कर हैं और विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाने का भी काम कर रहे हैं। अस्थाई व्यवस्था के लिए 07 अनुदेशकों से भी काम लिया जा रहा है। प्रधानाध्यापक नहीं होने और शिक्षकों की कमी के चलते शैैक्षिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। वहीं नगर क्षेत्र में चल रहे कुल 26 प्राथमिक विद्यालयों की बात करें तो इन विद्यालयों में मात्र 14 प्रधानाध्यापक तैनात है और समस्त विद्यालयों में पात्र 03 सहायक अध्यापक है। यानी 26 परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में अध्यापकों की संख्या मात्र 17 ही है। इनमें से 12 प्राथमिक विद्यालय ऐसे हैं, जो शिक्षकों के अभाव में पूरी तरह से अनुदेशकों व शिक्षामित्रों के भरोसे पर है। यदि अनुदेशक व शिक्षामित्र न होते तो इन विद्यालयों में ताला डला होता। ऐसे नहीं है कि नगर क्षेत्र में संचालित परिषदीय विद्यालयों में छात्रांकन भी कम है, कुछ विद्यालय ऐसे हैं, जहां का छात्र सैकड़ा के अंक में है, लेकिन शिक्षकों की कमी के चलते बच्चों को सही तरीके से पढ़ाई का माहौल नहीं बन पा रहा है। गौरतलब है कि नगर क्षेत्र में सबसे ज्यादा संख्या महिलाओं की ही है, ऐसे में एकल विद्यालय होने के कारण काम की भी अधिकता रहती है और वह आवश्यकता पड़ने पर अवकाश भी नहीं ले पाते हैं। यदि कोई शिक्षक आपात्कालीन अवकाश लेता है, तो फिर विद्यालय का भी अवकाश होना तय मानिए। ऐसा भी नहीं है यह समस्या जिला बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों व जिला प्रशासन के संज्ञान में नहीं है, लेकिन कार्रवाई केवल शासन तक पत्राचार भेजने तक ही सीमित है।
जिलाधिकारी को सौंपा है ज्ञापन
विद्यालयों में चल रही शिक्षकों की कमी से होने वाली समस्याओं के संबंध में नगर क्षेत्र में तैनात शिक्षिकाओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा है। ज्ञापन उन्होंने बताया कि नगर क्षेत्र में अधिकांश विद्यालयों में एकल अध्यापिकायें कार्यरत हैं। जिसके कारण सामान्य अवकाश लेने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। शैक्षिक व विभागीय दोनों कार्यों की जिम्मेदारी होने से छात्रों के शैक्षिक स्तर पर भी गहरा असर पड़ रहा है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि एक अकेली महिला अध्यापिका को विद्यालय का दायित्व संभालना पड़ रहा है। कई विद्यालयों में छात्रांकन 150 से 200 से अधिक तक है। जिसमें अकेली शिक्षिका को शिक्षण करना व विद्यालय के समस्त कार्यक्रमों का क्रियान्वयन करना सम्भव नहीं हो पा रहा है। इससे शिक्षिकाओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और शिक्षा व्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि हमारी समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए नगरक्षेत्र में पर्याप्त अध्यापकों की व्यवस्था कराने एवं प्रत्येक विद्यालय में कम से कम दो-दो अध्यापक नियुक्त कराने का कष्ट करें।
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शासन को भेजी जा रही सूचना
नगर क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है। इस संबंध में कई बार शासन को पत्र लिखा जा चुका है। हाल ही में शिक्षक संघ ने भी इस समस्या को रखा है।
ब्रजेश सिंह
खंड शिक्षा अधिकारी नगर