ललितपुर। छोटे गांव जो अब तक विकास से कोसों दूर थे, जल्द ही उन्हें सड़क से जोड़ा जाएगा। इसके लिए जिले के 13 गांवों में दस करोड़ रुपये खर्च होंगे। खास बात यह है कि इन गांवों की आबादी 250 या इसके आसपास होगी।
प्रदेश शासन द्वारा प्रत्येक गांव व मजरे को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए विधानसभा क्षेत्रों में 250 की आबादी वाले गांव और मजरों का प्रस्ताव मांगा है, ताकि गांवों को जोड़ा जा सके। केंद्र व प्रदेश शासन द्वारा शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पक्की सड़कों का जाल तैयार किया जा रहा है, ताकि शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का पहिया दौड़ सके। ग्रामीण क्षेत्रों में विधानसभावार उन गांवों व मजरों में सड़कों का पक्का निर्माण कराया जाएगा, जहां अब तक सड़कें नहीं बन सकी हैं। इसके लिए विधानसभा क्षेत्र से उन गांवों का प्रस्ताव मांगा गया है, जिन गांवों की आबादी 250 तक की है। प्रत्येक विधानसभा में चिह्नित किए गए गांवों में सड़कों का निर्माण पांच करोड़ रुपये तक के बजट में किया जाएगा।
जिले में लोकनिर्माण विभाग द्वारा वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ऐसे करीब 28 गांवों को चिह्नित किया गया है, जहां सड़कों का मुख्य सड़कों से नहीं जोड़ा गया है। विधायकों ने ऐसे 13 गांव के मजरों का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है, जिनमें पांच-पांच करोड़ रुपये की धनराशि से सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
यह गांव किए गए चिह्नित
जनपद की दोनों विधानसभाओं के अंतर्गत 250 की आबादी वाले गावों में सड़कों के निर्माण के लिए ग्राम पूराकलां के मजरा गारके, हंसारकलां के मजरा सारसेड़, बरीखुर्द के मजरा लवान, रजावन के मजरा टीला, बिजरौठा के मजरा नौर, झांवर के मजरा करोई, नत्थीखेड़ के मजरा समरखेड़ा, असऊखेरा के ग्राम गड़रयाना, मड़ावरा के मजरा पिपरिया, सोजना के भरतपुरा, घटवार के मजरा सुरऊवा, करमरा के मजरा, राधापुर, मैनवार के मजरा रीछपुरा को चिह्नित गया है। इसके अलावा लोकनिर्माण विभाग द्वारा 15 और भी गांव चिह्नित किए गए हैं, जिनकी आबादी 2011 की गणना के अनुसार 250 की आबादी है।
150 से अधिक गांव में सड़क नहीं
पूरे जनपद में डेढ़ सौ से अधिक गांव या मजरे हैं, जहां अभी भी पक्की सड़कें नहीं है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों द्वारा शासन को पत्र लिखकर सड़कों के निर्माण कराए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि प्रत्येक गांव को पक्की सड़कों से जोड़ा जा सके और उन क्षेत्रों के लोगों को मुख्य विकास की धारा से जोड़ा जा सके।
मुख्यमंत्री द्वारा 250 की आबादी वाले गांव जहां सड़कें नहीं है, उनमें सड़कों के निर्माण के लिए प्रस्ताव मांगा गया है। जनपद में दोनों विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत ऐसे एक दर्जन से अधिक गांवों को चिह्ति किया गया है। इन सड़कों के निर्माण के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र को पांच-पांच करोड़ रुपये स्वीकृत किए जाएंगे। वर्तमान में ढाई सौ की आबादी वाले डेढ़ सौ गांव या उनके मजरे ऐसे हैं, जहां सड़कों का निर्माण किया जाना है। इन सड़कों का निर्माण शीघ्र कराया जाएगा।
- रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक, ललितपुर।