सरकारी कार्यालयों में नहीं होते सूचना पटल अपडेट
कार्यालय में आने वाले लोगों को होती है परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिले के तमाम सरकारी कार्यालयों में अधिकारी, कर्मचारियों का तबादला होने के बाद भी उनका सूचना पटल से नहीं हटाया जाता है। इसकी बानगी नगर पालिका है। ऐसे कार्यालयों में समस्या लेकर पहुंच रहे लोगों के लिए संबंधित अधिकारी, कर्मचारी को तलाशना मुश्किल हो जाता है।
योगी सरकार सरकारी कार्यालयों में कामकाज की संस्कृति को बढ़ावा दे रही है। इसके बाद भी विभिन्न कार्यालयों में अधिकारी, कर्मचारी शासन की मंशा अनुरूप कार्य नहीं कर रहे हैं। वह आज भी पुराने ढर्रे का मोह नहीं त्याग पाए हैं। इसका खामियाजा फरियादियों को परेशान होकर भुगतना पड़ रहा है। वर्तमान में मौसमी बीमारियों का प्रकोप देखा जा रहा है। इसमें नगर स्वास्थ्य अधिकारी व सफाई निरीक्षक की भूमिका अहम हो जाती है। लेकिन, नगर पालिका में सफाई की समस्या को लेकर पहुुंच रहे नगरवासियों को संबंधित अधिकारी के समक्ष बात रखना मुुश्किल हो रहा है। जिन चैम्बरों में अधिकारी, कर्मचारी बैठते हैं, उनमें स्थानांतरित अधिकारी, कर्मचारियों के नाम लिखे हैं। इतना ही नहीं, सीढ़ी के पास लगे सूचना पटल को भी अपडेट नहीं किया गया है। यह स्थिति अकेले नगर पालिका में ही नहीं हैं बल्कि जिले के कई कार्यालयों में देखी जा सकती है। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
जन सूचना पटल की भी अनदेखी
जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत विभागों में जन सूचना अधिकारी, सहायक जन सूचना अधिकारी नामित किए गए हैं। न तो नगर पालिका और न ही बीएसए कार्यालय में नामों को बदला गया है। जहां निलंबित बीएसए को जन सूचना अधिकारी व मनोज कुमार द्विवेदी को प्रथम अपीलीय अधिकारी दर्शाया जा रहा है। इसी प्रकार नगर पालिका के पटल में स्थानांतरित ईओ अवनींद्र कुमार को जन सूचना अधिकारी अंकित हैं।
बदले जाएंगे सूचना पटल
सूचना पटल को अपडेट करने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। एक-दो दिन में सूचना पटल अपडेट नजर आएंगे। इसमें लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घनश्याम वर्मा, एसडीएम सदर/बीएसए/ईओ