रक्षाबंधन पर यात्रियों को बस की कमी खली
ललितपुर। रक्षाबंधन पर्व पर यात्रियों को बसों की भारी कमी खली। जहां रोडवेज ने बसों को बढ़ाने की जगह आधा दर्जन बसों को घटा दिया। वहीं, कई निजी बसें भी नहीं चली। इसके चलते तमाम यात्रियों ने बसों की छत पर बैठकर व गेट पर लटककर सफर किया।
एक ओर शासन ने महिलाओं को रक्षाबंधन पर मुफ्त यात्रा का तोहफा दिया। वहीं, दूसरी ओर परिवहन विभाग ने बसों को बढ़ाने की जगह कम कर दिया। कई निजी संचालकों ने भी बसों को सड़कों पर नहीं दौड़ाया। इससे यात्रियों के लिए सफर आसान होने की जगह दुखदायी साबित हो गया। रक्षाबंधन त्योहार पर भाई और बहनों को परेशान होना पड़ा। हालांकि, परिवहन विभाग ने निजी बसों के परिचालन के लिए तमाम नियम कायदे बनाए हैं, लेकिन बस चालक इनका पालन करने में कोताही बरतते हैं। जब बसों में सवारियों को बैठाने की बात आती है तो मुनाफा कमाने के लिए निर्धारित संख्या से ज्यादा यात्रियों को बैठा लेते हैं। इन सबके बाद भी परिवहन अधिकारी ऐसी बसों के खिलाफ कार्रवाई भी नहीं करते हैं। आम दिनों में भी बसों में ज्यादा यात्री बैठा लेते हैं और जब त्योहार की बारी आती है तो इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। ऐसी ही स्थिति रविवार को शहर के बस स्टैंड पर मिली। जहां बसों की छतों पर यात्रियों को बैठाना पड़ा तो कई बसों में गेट पर यात्री लटकते दिखाई दिए। कई सवारियां बसों का इंतजार करते नजर आईं। कुछ सवारियों ने जल्दी जाने के चक्कर में जान जोखिम में डालते हुए बसों की छत पर बैठकर गतंव्य तक की यात्रा की। कई महिलाओं को भी बिना सीट के ही सफर करना पड़ा। इसके अलावा सवारियों के साथ सफर कर रहे बच्चे काफी परेशान हुए। कई सवारियां तो ठसाठस भरी बसों से उतर गए। लेकिन उसके बाद की बस की भी ऐसी ही स्थिति रही।
इन बसों का बदला मार्ग
गुढ़ा व मदनपुर से दो-दो बसों का संचालन किया जाता है। जो कि दोनों का ही रूट बदला गया। इसी तरह मड़ावरा से इलाहाबाद के लिए बस चलाई जा रही है। जिसके मार्ग में परिवर्तन किया गया है। इसके अलावा देवगढ़ से झांसी के लिए एक बस चलती है। इसका मार्ग बदल दिया गया है।
टैक्सी चालकों ने भी नियमों को रखा ताक पर
बसों के अलावा टैक्सी भी शहर के निश्चित स्थानों से विभिन्न गांव में लिए जातीं है। इनमें जेल चौराहा, स्टेशन के पास, नदीपुरा व इलाईट चौराहा सहित कई अन्य स्थानों से भी टैक्सियां सवारियों को बिठा कर गांव तक यात्रा कराती हैं। लेकिन रविवार को इन टैक्सियों में स्वीकृत संख्या से तीन गुना सवारियां सफर करते नजर आई। इन टैक्सियों में यात्रा करने वाले यात्रियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर टैैक्सी के पीछे के पाइप तो कुछ गेट के पास लटक कर सफर किया।
बसों में निर्धारित से ज्यादा संख्या में यात्रियों को बैठाने का मामला संज्ञान में आया है। जिस पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
सत्येंद्र कुमार, सहायक परिवहन अधिकारी
राजस्व घटने से बनी स्थिति
जिले में राजस्व वसूली कम हो रही है। इसके चलते यहां से आधा दर्जन बसों को हटाया गया। त्योहार के दौरान इन बसों की आवश्यकता अन्य शहरों में थी। अब इन बसों को वापस जिले में लगाया जाएगा।
एसके राय, क्षेत्रीय प्रबंधक, झांसी डिपो