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तबादला नीति को ठेगा दिखा रहे वन अफसर

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स्थानांतरण के बाद भी कार्यमुक्त नहीं
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तबादला नीति को ठेगा दिखा रहे वन अफसर
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। वन विभाग में तबादला नीति को ठेंगा दिखाया जा रहा है। जिन अधिकारी, कर्मचारियों के स्थानांतरण हुए हैं, उन्हें अभी तक कार्यमुक्त नहीं किया गया है। वहीं, आला अधिकारी चहेते कर्मचारियों को अपने साथ रखने के लिए पौधरोपण की आड़ ले रहे हैं। इससे तीन साल से डटे अधिकारियों को हटाने की मंशा पर पानी फिर रहा है।
प्रदेश सरकार ने सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और कामकाज में पारदर्शिता लाने के मकसद से तबादला नीति बनाई। इसके अंतर्गत एक जिले में तीन साल और मंडल में छह साल पूरा करने वाले अधिकारी, कर्मचारियों को स्थानांतरण पर काम शुरू किया। इस नीति में तमाम विभागों में अधिकारी, कर्मचारी इधर-उधर हो गए। इससे वन विभाग अछूता नहीं रहा। विडंबना यह है कि वन विभाग में डीएफओ, एसडीओ को छोड़कर अन्य अधिकारी, कर्मचारी अपना क्षेत्र छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। इसमें आला अधिकारी उनका साथ देखते दिखाई दे रहे हैं। ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है, इससे पहले अखिलेश सरकार में स्थानांतरण नीति में कई अधिकारी, कर्मचारियों का तबादला हुआ था। इस दौरान स्थानांतरित अधिकारी, कर्मचारियों में अपना कार्यक्षेत्र नहीं छोड़ा था। ललितपुर रेंज में एक डिप्टी रेंजर को एकतरफा कार्यमुक्त कर दिया गया था। उसके बाद भी वह रेंज में डटा रहा। इस बार फिर वह तबादला नीति में आ गया। अब डीएफओ स्थानांतरित अधिकारियों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि पौधरोपण के पश्चात ही स्थानांतरित अधिकारियों को कार्यमुक्त करेंगे, जिससे शासन की तबादला नीति मखौल बनकर रह गई है।
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विभाग में मनमानी नीति हावी
एक ओर एसडीओ आरके त्रिपाठी का स्थानांतरण गोंडा के प्रभारी डीएफओ पद पर हुआ तो उन्होंने प्रतिस्थानी का इंतजार किए बगैर गोंडा में कार्यभार ग्रहण कर लिया। इससे समूचे डिवीजन में एसडीओ की कमी पड़ गई। वहीं, अन्य अधिकारी, कर्मचारियों को कार्यमुक्त नहीं करने में प्रतिस्थानी नहीं आने का बहाना बनाया जा रहा है।

वर्षों से नहीं बदली रेंज
वन विभाग में जिला बदलना तो दूर रेंज भी अपनी बदली गई हैं। यहां पर कार्यरत अधिकांश वन दरोगाओं को एक ही रेंज में कार्य रहते हुए 10 से 15 साल हो गए हैं। ऐसे दरोगाओं के तबादले होते हैं, लेकिन उन्हें हटाया नहीं जाता है। इससे अवैध खनन, कटान, अतिक्रमण, कब्जा की शिकायतों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
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पौधरोपण के बाद करेंगे विचार
डिवीजन में पहले से अधिकारी, कर्मचारियों की कमी है। गैर जनपद से तबादला होकर कोई अधिकारी, कर्मचारी नहीं आया है, इसलिए हम भी किसी को कार्यमुक्त नहीं कर रहे हैं। पौधरोपण कार्यक्रम के पश्चात ऐसे अधिकारी, कर्मचारियों को छोड़ने पर विचार किया जाएगा।
ईश्वर दयाल, डीएफओ ललितपुर।
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