चूल्हे के धुएं से मिलेगा बच्चों व रसोइयों को छुटकारा
ललितपुर। जनपद के लगभग 504 विद्यालय ऐसे हैं, जहां पर एलपीजी गैस कनेक्शन नहीं होने के कारण मिट्टी के चूल्हों पर मध्याह्न भोजन पकाया जाता है। अब बहुत जल्द ही इन विद्यालयों के रसोइयों व बच्चों को चूल्हे से निकलने वाले धुएं व गर्मी से निजात मिल जाएगी। शासन ने इन विद्यालयों में एलपीजी गैस सिलेंडर और चूल्हे के लिए जिला बेसिक शिक्षा विभाग को करीब 21.18 लाख रुपये का बजट उपलब्ध करा दिया है।
मिड-डे-मील योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को हर रोज दोपहर का भोजन उपलब्ध कराने के लिए तैनात रसोइयों के द्वारा ही पकाया जाता है। यह योजना लगभग एक दशक से संचालित की जा रही है, पहली बार शासन द्वारा विद्यालयों में पकाए जाने वाले इस मध्याह्न भोजन के लिए एलपीजी गैस कनेक्शन के लिए बजट उपलब्ध कराया जा रहा है। जनपद में समस्त 1,561 परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन पकाया जाता है और इसके लिए लगभग 4,100 महिला रसोइयां तैनात हैं। बीते अगस्त माह में शासन से जिला बेसिक शिक्षा विभाग से ऐसे विद्यालयों की सूचना मांगी थी, जहां पर एलपीजी गैस कनेक्शन के अभाव में मिट्टी के चूल्हों पर भोजन पका रहे हैं, इसमें विभाग ने जनपद के समस्त ब्लॉक क्षेत्रों के कुल 504 विद्यालयों की सूची शासन को भेजी थी। इस क्रम में शासन से जनपद के लिए 21 लाख 18 हजार 816 रुपये का कुल बजट उपलब्ध करा दिया है। बजट के साथ-साथ बेसिक शिक्षा परिषद के उप सचिव राजेंद्र सिंह ने निर्देश भी जारी किए हैं। प्रत्येक एलपीजी गैस कनेक्शन के लिए शासन ने 2,704 रुपये और गैस चूल्हा भट्टी के लिए 1,500 रुपये निर्धारित किए हैं। इस हिसाब से एलपीजी गैस कनेक्शन के लिए कुल 13.62 लाख रुपये और गैस भट्टी के लिए कुल 7.56 लाख रुपये का बजट उपलब्ध कराया है। इसके साथ ही शासन ने यह साफ कर दिया है कि जिन विद्यालयों में पूर्व में कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है, उनमें दोबारा कनेक्शन नहीं कराया जाएगा। इसके लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी अम्बरीष कुमार ने समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्र में बिना एलपीजी के विद्यालयों की सत्यापित सूची मांगी है। इसके बाद जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। एलपीजी गैस कनेक्शन के लिए लगभग एक माह या इससे अधिक समय लग सकता है, लेकिन इसके बाद बच्चों को मिट्टी के चूल्हों से उठने वाले धुएं की समस्या का सामना नहीं कराना पड़ेगा। इसके साथ ही रसोइयों को भी भीषण गर्मी में धुएं के साथ-साथ शरीर को झुलसाने वाली गर्मी से भी छुटकारा मिलेगा। इसके साथ ही इन मिट्टी के चूल्हों में ईधन की लकड़ियों के लिए काटे जा रहे पेड़ों के कटान पर भी रोक लगेगी।
इनके बाद नहीं चल सकेगा बहाना
वर्तमान में जनपद के एक हजार से अधिक परिषदीय विद्यालय ऐसे हैं, जहां पर पूर्व में एलपीजी कनेक्शन लिया गया है। इसके बावजूद भी मिट्टी के चूल्हों पर भोजन पकाया जाता है। जब समस्त विद्यालयों में एलपीजी कनेक्शन हो जाएंगे तो फिर मिट्टी के चूल्हों पर भोजन पकाने के लिए कोई बहाना नहीं चलेगा। इसके लिए बस विभागीय अधिकारियों को थोड़ी सख्ती से निगरानी बनाए रहने की जरूरत रहेगी।
जल्द होंगे कनेक्शन
समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्र में बिना एलपीजी के विद्यालयों की सत्यापित सूची मांगी है। इसके बाद जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। जल्द ही समस्त विद्यालयों में एलपीजी गैस कनेक्शन उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
- कपिल दुबेजिला समन्यवक, एमडीएम।