डेंगू का डंक, गंदी नहर, भयभीत शहर
कूलरों से मच्छरों को हटाने में लगा प्रशासन, छोटी नहर पर ध्यान नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिले में संक्रामक बीमारियों ने दस्तक दे दी है। इससे निपटने के लिए मैदान में उतरी स्वास्थ्य विभाग व नगर पालिका परिषद की टीम ने डेंगू व मलेरिया के लार्वा को नष्ट करने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक 42 मकान मालिकों को नोटिस जारी किया है। इसमें एक भी सरकारी विभाग का नाम शामिल नहीं है। इससे सरकारी विभागों के प्रति नरम रुख का अंदाजा लगाया जा सकता है। कूलरों के पानी में लार्वा की जांच करने वाली टीम को शायद यह मालूम नहीं है कि नगर के बीच से निकली छोटी नहर के जलभराव व गंदगी के बीच मच्छरों का बसेरा है, इसके लिए आखिर किसे नोटिस दिया जाएगा।
मानसूून सीजन में डेंगू, मलेरिया फैलने लगता है। इसकी वजह स्पष्ट है जिन स्थानों पर साफ सफाई नहीं होती है और पानी का जमा हो जाता है वहां इस तरह की बीमारियां फैलने लगती हैं। जिम्मेदार विभागों ने शायद इससे निपटने के लिए पूर्व में पर्याप्त इंतजाम नहीं किए। इस वजह से डेंगू व मलेरिया एक साथ फैल रहा है। सिंचाई विभाग को छोड़कर किसी अन्य सरकारी कार्यालय में डेंगू के लार्वा का परीक्षण नहीं किया गया है और न ही गोविंद सागर बांध की छोटी नहर पर टीम पहुंची है, जबकि शहर के बीचों-बीच स्थित नहर मच्छरों के लिए मुफीद स्थल बनी हुई है। नहर की सफाई के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं। रबी की फसल की सिंचाई के दौरान ही इसकी सफाई कराई जाती है। जिससे बारिश के सीजन में नहर मच्छरों की जननी बन जाती है। इसको लेकर स्थानीय नागरिकों में रोष व्याप्त है।
जिले के विभिन्न स्थानों पर डेंगू के लार्वा का परीक्षण किया गया। इसमें 42 स्थानों पर लार्वा मिलने पर संबंधित मकान के मालिकों को नोटिस जारी किए हैं। वहीं, नगर के मुहल्ला चौकाबाग में एक मरीज डेंगू का पाया गया है। जिला मलेरिया अधिकारी केएस सिंह यादव का कहना है कि डेंगू जो मरीज सामने आया है वह हाल ही में गुजरात से लौटा है। इससे यह स्पष्ट नहीं है कि उसे यही डेंगू हुआ है। हालांकि, उसके घर के आसपास करीब पचास घरों के दायरे में दवा का विशेष छिड़काव किया गया है। इसके अलावा मलेरिया का परीक्षण किया गया है। जनवरी माह से अब तक जिले में 52 हजार 588 स्लाइडों का परीक्षण किया गया है। इनमें 88 मरीजों में वाइवेक्स पोजिटिव पाया गया। जिन्हें दवाओं का वितरण कराया गया है। बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के लार्वा मिलने पर 42 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। इस मामले में सरकारी महकमा अभी तक छूटा है।
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कैप्सन- डा. प्रबल सक्सेना
नहर की कराई जाए सफाई
मलेरिया गंदगी में पनपता है तो डेंगू साफ पानी में होता है। सिंचाई विभाग की नहर में दोनों तरह की स्थितियां हैं। जिस पर न तो सिंचाई विभाग और न ही नगर पालिका का ध्यान है। जब भी सफाई की बात आती है तो दोनों विभाग एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। इसका खामियाजा स्थानीय व्यक्तियों को बीमार होकर भुगतना पड़ता है। उन्होंने नहर की तत्काल सफाई कराने की मांग डीएम से की है।
डा. प्रबल सक्सेना
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फोटो 6
कैप्सन- वंदना जैन
बजबजा रही है गंदगी
गोविंद सागर बांध की छोटी नहर ठंड के सीजन में खुलती है। इसके बाद नहर की सफाई पर ध्यान नहीं दिया जाता है। कई महीनों तक इसमें गंदगी बनी रहती है। जिससे आसपास रहने वाले परिवार के सदस्यों को मलेरिया होने की संभावना बनी रहती है। कुछ हद तक स्थानीय लोग भी जिम्मेदार हैं। कई लोगों ने इसे कूड़ाघर बना दिया है। इन हालात में नहर में कहीं गंदा पानी तो कहीं जहरीले घास उग आई है।
वंदना जैन
मुहल्ला आजादपुरा
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नगर के लिए जिम्मेदार नगर पालिका
जिले में 88 डेेंगू के लार्वा निकले हैं। इसके अतिरिक्त एक व्यक्ति को डेंगू पोजिटिव पाया गया है। वहीं, वाइवेक्स मलेरिया के केस देख जा रहे हैं। नगरीय क्षेत्र की जिम्मेदारी नगर पालिका परिषद की है। इस संबंध में उनके स्वास्थ्य नायकों को प्राप्त निर्देशों से अवगत करा दिया गया है। बीमारी को फैलने से रोकने के लिए जगह-जगह दवा का छिड़काव कराया जा रहा है।
के एस सिंह यादव
जिला मलेरिया अधिकारी ललितपुर
दवा का कराया जा रहा छिड़काव
सुबह के समय पाइरीथ्रम का छिड़काव तो शाम के समय फागिंग कराई जा रही है। जहां तक नहर में गंदगी की बात है तो संबंधित विभाग के लिए पत्राचार किया जा रहा है।
आरके लवानिया
मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक
नगर पालिका परिषद ललितपुर।
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नहर का निरीक्षण कर लेंगे स्थिति का जायजा
बारिश उपरांत नहर की सफाई कराई जाएगी। उन्होंने निरीक्षण कर स्थिति का आंकलन करने की बात कही है।
एके गुप्ता
अधिशासी अभियंता
राजघाट निर्माण खंड
ललितपुर।