- स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डेरा डाला, तीन मरीज मेडिकल कॉलेज में भर्ती
- हैंडपंप के पानी से डायरिया फैलने की आशंका, लिया पानी का सैंपल
- एक हैंडपंप का हत्था हटाया गया, एसडीएम ने गांव में सफाई के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर-बालाबेहट। ब्लॉक बिरधा अंतर्गत ग्राम वंशा बम्हौरी में छह मासूस समेत 21 लोग डायरिया की चपेट में आ गए। इनमें तीन की हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। वहीं, 18 मरीजों को गांव में ही उपचार दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने गांव में टीम गठित कर तैनात कर दिया है। साथ ही तीन हैंडपंप के पानी के नमूने लिए गए हैं। जिसमें एक हैंडपंप को बंद करा दिया गया है। ग्रामीणों ने हैंडपंप में गंदगी जाने से बीमारी फैलने का आरोप लगाया है।
बुधवार की शाम ग्राम वंशा बम्हौरी में एक परिवार के लोगों को उल्टी दस्त की समस्या हुई। वहीं, बृहस्पतिवार को सुबह तक 11 परिवार के 21 लोग डायरिया की चपेट में आ गए। अपर जिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव ने डायरिया फैलने की सूचना सीएमओ को दी। इसके बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया। ब्लॉक व जिला स्तरीय टीम ने गांव में डेरा डाला। इसमें 18 लोग उल्टी व दस्त की समस्या से ग्रसित पाए गए। इन मरीजों को चिकित्सीय टीम ने परीक्षण कर उपचार दिया। गांव में घर-घर सर्वे कराया गया। इसमें लगभग 18 लोग अन्य बुखार व त्वचा समेत अन्य समस्याओं के मिले। जिन्हें उपचार दिया गया। गांव में घर-घर क्लोरीन वितरित की गई। हैंडपंप के पास लार्वी साइड का छिड़काव कराया। चिकित्सकों ने ग्रामीणों को पानी उबाल कर पीने व समस्या होने पर चिकित्सीय टीम से उपचार लेने की सलाह दी है। पाली उपजिलाधिकारी निशांत तिवारी ने गांव में निरीक्षण किया। इसमें मरीजों से जानकारी ली। ग्राम प्रधान को गांव में सफाई कराने के निर्देश दिए।
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एक हैंडपंप किया बंद
गांव में डायरिया फैलने के बाद प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। यहां पर ग्रामीणों ने हैंडपंप में दूषित पानी जाने से बीमारी फैलने की बात कही। इसके बाद टीम ने गांव के तीन हैंडपंपों के पानी के नमूना लिए, जिन्हें लखनऊ लैब में परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है। वहीं, इनमें एक हैंडपंप का हत्था निकलवाकर बंद कर दिया है।
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संचारी रोग नियंत्रण अभियान की खुली पोल
वर्तमान में संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। इसमें बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। साथ ही जलभराव की निकासी, सफाई अभियान, नालियों व झाड़ियों की कटाई के निर्देश दिए गए हैं। अभियान को लेकर तमाम दावे उस समय हवाहवाई हो गए, जब वंशा बम्हौरी में डायरिया फैल गया। ऐसे में बीमारियों की रोकथाम के लिए चलाए ज रहे अभियान की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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गांव में तैनात की चिकित्सीय टीम
वंशा बम्हौरी में डायरिया फैलने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. इम्तियाज अहमद ने गांव में चिकित्सीय टीम नियुक्त कर दी है। इसमें आठ-आठ घंटे के लिए तीन टीमें लगाई हैं। इसमें एक चिकित्सक, फार्मासिस्ट, वार्डबॉय समेत अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लगाए गए हैं। जिला स्तरीय टीम में डाॅ. राजेश भारती, डॉ. देशराज सिंह, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शिवप्रकाश सिंह, सीताराम समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
डायरिया की चपेट में आए लोग
आयरव दस माह, कायरव ढाई वर्ष, समर्थ (05), राधिका (06), प्रिंस (14), रामा (17), प्रिंस (14), उमादेवी (30), शकुंतला (13), कुसुम (60), अनुकूल यादव (24), अर्चना (30), अनुज (12), मोहिनी यादव (22), माया (45), ऋषिका (17), पृथ्वीराज (12), रणवीर सिंह (40), चार्लीराजा (30), भूरी (30), आराधना (11) आदि हैं। इनमें कायरव, राधिका व आराधना को मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया है। शेष सभी मरीज गांव में ही उपचार ले रहे हैं।