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नईयां अटल कौ कोउ सानी, नौनी नौनी वानी...

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नईयां अटल कौ कोउ सानी, नौनी नौनी वानी...
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काव्यांजलि पाठ में किया अटल को याद
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। थाना कोतवाली के सामने स्थित पेंशनर्स हॉल में भारतीय जनता पार्टी का काव्यांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी की कविताएं और उनसे विषयक कविताओं का कवियों द्वारा पाठ किया गया।
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काव्यांजलि का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए किया गया। यहां अखिलेश शांडिल्य ने अपनी प्रस्तुति देते हुए कहा कि अगर गीता कुरान की तरह नियमित पढ़ी जाए...। गीतांजलि सिंधी छोटी बच्ची ने कहा कि बाधाएं आती हैं आए का कविता पाठ किया। वहीं अन्य कवियों में सुदेश सोनी ने कहा कि नईयां कोउ अटल कौ सानी, नौनी-नौनी वानी। अर्पित कर दई न्याय नीति खों अपनी सब जिंदगानी। कवि पंकज अंगार ने कहा कि जो नियत की थी भंवर में नाव को खेते गए हैं, इस निरर्थक मृत्यु को वे अर्थ इक देते रहे हैं। महेश नामदेव ने कहा कि हे अजात शत्रु, है धैर्य पुत्र हे भाव सिंधु कविवर महान राजनीति के दल-दल में भी कमल निशान हो गए। कवि शकील मास्टर ने कहा कि सीमा पर दुश्मन चढ़ आऔ, ई खौं तो लतयाओ। केके पाठक ने कहा कि अटल बिहारी ने किया दुनिया से मुख मोड़, नाम छोड़ चढ़ते गए, जगबंधन के मोड़। सतीश जैन सरस ने कहा कि किसी के काम जो आए उसे इंसान लिख देना, लवों को छू के जो गुजरे वही फरमान लिख देना। इस मौके पर देवेंद्र गुरु, आलोक चौबे ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं। काव्यांजलि कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रमेश कुमार सिंह ने की व संयोजक डा.दीपक चौबे रहे।इस मौके पर सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौबे, चंद्रशेखर पंथ, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, नगर पालिकाध्यक्ष रजनी साहू, हरीराम निरंजन, बब्बूराजा बुंदेला, राजकुमार जैन, रामेश्वर सड़ैया, डा. तेजस श्रीवास्तव, सुरेश कौंते उपस्थित रहे।
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