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कस्तूरबा में बालिकाओं के नहीं पुख्ता इंतेजाम

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आवासीय बालिका विद्यालयों बदइंतजामी

ललितपुर। जनपद के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में पढ़ने वाली 06 से 14 वर्ष की बालिकाओं के लिए बने छात्रावासों में सुरक्षा को लेकर कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था नहीं है। खिड़कियों के कांच टूटे हुए हैं तो कहीं सुरक्षा के लिए चहार दीवारी भी नहीं है। हाल ही में देवरिया व मुजफ्फरपुर में हुई घटनाओं को देखते हुए बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारी अभी तक चेते नहीं हैं और हालात जस के तस हैं।
ग्रामीण इलाकों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों की 06 वर्ष से 14 वर्ष तक की आयु वाली बालिकाओं की सुविधा के लिए जनपद के सभी छह ब्लॉकों पर एक-एक कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित है। प्रत्येक कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में 100-100 बालिकाओं के रहने की व्यवस्था है, इसमें कक्षा 06 से कक्षा 08वीं तक की कक्षाएं संचालित होती हैं। जनपद के किसी भी कस्तूरबा विद्यालय में बालिकाओं की सुरक्षा की दृष्टि से एक भी सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हुए हैं। इससे विद्यालय में आने-जाने वालों की, विद्यालय के अंदर होने वाली गतिविधियों पर निगरानी नहीं रखी जा रही है। इसके अलावा विद्यालय में शैक्षिक कार्यों व सुरक्षा के लिए तैनात स्टाफ की उपस्थित व अनुपस्थिति दर्ज करने के लिए वायोमैट्रिक मशीनों का भी इंतजाम नहीं है। कई महीनों तक जिला बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों और जिला प्रशासन द्वारा यहां का निरीक्षण नहीं किया जाता है, जबकि शासन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारियों व सर्व शिक्षा अभियान के समन्वयकों को कस्तूरबा विद्यालयों का हर माह निरीक्षण करने के निर्देश दे रखे हैं। इसके अलावा भी वर्तमान में लगभग सभी कस्तूरबा विद्यालयों की खिड़कियों के कांच टूटे हुए हैं, एक विद्यालय में तो चार दीवारी ही नहीं है। इसके अलावा बिजली आपूर्ति की भी कोई उचित व्यवस्था नहीं है। लगातार कई दिनों तक यहां पर बिजली नहीं पहुंची है, बालिकाओं को अंधेरे में रहना पड़ता है। विद्यालयों में लगे सौर ऊर्जा प्लांट भी शोपीस बने हुए हैं। इस का खुलासा विगत दिनों संबंधित क्षेत्र के उप जिलाधिकारियों द्वारा किए निरीक्षण में हुआ है।
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उप जिलाधिकारियों के निरीक्षण में सामने आई कमियां
बीते 28 जुलाई को जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह के निर्देशन में सभी उप जिलाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान सभी विद्यालयों में कमियां सामने आई हैं। महरौनी एसडीएम ने कस्बा बानपुर में बने कस्तूरबा विद्यालय के निरीक्षण में पाया कि सुरक्षा की दृष्टि से यहां पर चहार दीवारी नहीं है। खिड़कियों के कांच टूटे हुए हैं और सौर ऊर्जा प्लांट सहीं नहीं है। सदर एसडीएम ने कल्यानपुरा में बने कस्तूरबा विद्यालय के निरीक्षण में सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त नहीं पाया। इसमें होमगार्डों की नियमित उपस्थिति नहीं मिली। इसके अलावा शौचालयों के दरवाजे क्षतिग्रस्त मिले और तख्तों की कमी मिली। इस दौरान यह भी सामने आया कि विद्यालय में दो-तीन दिनों तक बिजली नहीं आती है। सदर एसडीएम ने मिर्चवारा में संचालित कस्तूरबा विद्यालय का निरीक्षण किया। इसमें विद्यालय की चहार दीवारी क्षतिग्रस्त मिली और पानी की निकासी के लिए नाली का निर्माण होना जरुरी पाया। इसके साथ ही शौचालय भी क्षतिग्रस्त मिले। पाली एसडीएम ने गौना में बने विद्यालय का निरीक्षण किया, इसमें उन्होंने पाया कि विद्यालय में दो-तीन दिनों तक लगातार बिजली नहीं आती है, इससे छात्राओं को समस्या होती है। तालबेहट एसडीएम ने तरगुवां में बने कस्तूरबा का निरीक्षण किया तो वहां भी नियमित रुप से बिजली नहीं आने की समस्या सामने आई और सौर ऊर्जा प्लांट भी सहीं नहीं मिला। महरौनी एसडीएम ने मलैयापुरा में संचालित कस्तूरबा विद्यालय का निरीक्षण किया तो यहां की अधिकांश खिड़कियों के शीशे टूटे हुए मिले और बिजली आपूर्ति व सौर ऊर्जा प्लांट की भी समस्या यहां पर मिली। निरीक्षण में मिली कमियों का दूर करने के लिए निरीक्षण आख्या जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौंप दी गई है, लेकिन बीएसए द्वारा अभी तक कोई पहल शुरू नहीं की गई है।
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