दो माह बीते साक्षरता परीक्षा का नहीं हो सका मूल्यांकन
योजना पर ब्रेक, प्रेरकों व समन्वयकों के नवीनीकरण पर लगी है रोक
25 मार्च को आयोजित साक्षरता परीक्षा में 17 हजार 81 ने दी परीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
साक्षरता भारत मिशन योजना पर विगत 31 मार्च से रोक लग गई है, लेकिन इससे पहले हुई साक्षरता परीक्षा का अभी तक मूल्यांकन नहीं हो पाया है। शासन पिछले दो माह से जिला बेसिक शिक्षा विभाग से मूल्यांकन की रिपोर्ट मांग रहा है। परीक्षा का मूल्यांकन कैसे कराया जाए, इस पर विभागीय अधिकारियों द्वारा कोई विचार भी नहीं किया गया है।
15 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को साक्षर बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही साक्षरता भारत मिशन योजना पर 31 मार्च के बाद से रोक लगा दी है। योजना पर रोक लगने से पहले 25 मार्च को साक्षरता परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के तहत जनपद के सभी 340 ग्राम पंचायतों पर संचालित साक्षरता केंद्रों पर शासन के निर्धारित कुल 25 हजार लक्ष्य के सापेक्ष 17 हजार 081 ने साक्षरता परीक्षा दी थी। परीक्षा के पांच दिनों बाद 31 मार्च से इस योजना पर ही रोक लग जाने के कारण साक्षरता केंद्रों पर तैनात प्रेरकों व जिला व ब्लॉक समन्वयकों की भी जिम्मेदारियों की छुट्टी हो गई थी। इसके बाद से अभी तक परीक्षा का मूल्यांकन नहीं किया जा सका है। परीक्षा आयोजित हुए पूरे दो माह बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक परीक्षा का मूल्यांकन कर रिपोर्ट शासन को नहीं भेजी गई है। विगत दिनों से शासन द्वारा जिला लोक शिक्षा समिति के सदस्य यानी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से बार-बार मूल्यांकन रिपोर्ट मांगी जा रही है, जब अभी तक मूल्यांकन हुआ ही नहीं है तो फिर रिपोर्ट कहां से भेज दी जाए।
बीएसए के समझ रही है बात
साक्षरता परीक्षा का अभी तक मूल्यांकन नहीं किया गया है। प्रेरकों व समन्वयकों के नहीं होने से कार्य बाधित हो गया है। मूल्यांकन के लिए परिषदीय शिक्षकों का सहयोग लिया जाए, इसके लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के समक्ष बात रखी गई है। जल्द से जल्द मूल्यांकन करा दिया जाएगा और शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
- उमा देवी, परियोजना अधिकारी, प्रभारी साक्षरता मिशन योजना ललितपुर।