गो रक्षक बताएंगे पॉलिथीन के नुकसान
ललितपुर। नगर पालिका शहर में पॉलिथीन के इस्तेमाल पर रोक लगाने में असफल हो रही है, जिससे गोवंशों की अकाल मृत्यु हो रही है। अब इसे रोकने के लिए जनपद के गोसेवकों व गो रक्षकों ने लोगों को जागरूक करने का बीड़ा उठा लिया है।
हाईकोर्ट के निर्देशन के बाद भी शहर समेत जनपद में पॉलिथीन के इस्तेमाल पर एक प्रतिशत भी रोक नहीं लग सकी है। ऐसी कोई भी दुकान नहीं होगी जहां पर पॉलिथीन का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। इससे पर्यावरण व प्रकृति को नुकसान तो पहुंच ही रहा है, इसके साथ ही पशुओं की अकाल मृत्यु हो रही है। अब स्थानीय गो सेवक व गो रक्षक अपने-अपने तरीके से लोगों को पॉलिथीन का उपयोग नहीं करने के लिए जागरूक व प्रेरित करेंगे।
कार्रवाई के नाम पर की जाती है औपचारिकता
शहर में पॉलिथीन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की जिम्मेदारी शासन ने नगर पालिका को सौंपी है, लेकिन हाईकोर्ट के आदेशों के बाद भी विगत दो वर्षों में नगर पालिका पॉलिथीन के इस्तेमाल पर एक प्रतिशत भी प्रतिबंध लगाने में सफल नहीं हो सकी है। नगर पालिका एक-दो महीने में एकादबार ही झांसी पॉल्यूशन बोर्ड के कर्मियों के साथ नगर में पॉलिथीन के खिलाफ छापामारी अभियान चलाते हैं। लेकिन यह अभियान भी मात्र एक औपचारिकता होता है, क्योंकि हर बार छापामार टीम शहर के मुख्य बाजार में लगने वाले हाथ-ठेलों व सब्जी वालों की पॉलिथीन जब्त करके खानापूर्ति कर लेती है। शुरुआत में नगर पालिका ने एक बड़े दुकानदार की दुकान से एक क्विंटल से अधिक पॉलिथीन जब्त की थी, इसके बाद व्यापारियों द्वारा किए गए विरोध के कारण यह कार्रवाई केवल हाथ ठेलों व छोटे दुकानदारों तक ही सीमित रह गई है।
डॉक्यूमेंट्री मूवी से करेंगे जागरूक
हमारी संस्था एक डॉक्यूमेंट्री मूवी तैयार कर रहा है, जिसमें यह दर्शाया गया है कि लोग अपने घरों में बचने वाले भोजन, अन्य खाद्य पदार्थों और कूड़े को पॉलिथीन में भरकर फेंक देते हैं। इसके बाद इसी पॉलिथीन का सेवन गौवंश कर लेते हैं और फिर उनकी मृत्यु हो जाती है। इसके बाद जब उनका पोस्टमार्टम होता है तो कई किलो ग्राम पॉलिथीन उनके पेट से निकलती है, जो उनकी मौत की वजह बनती है। इस मूवी को इसी उम्मीद के साथ सोशल मीडिया पर डाला जाएगा कि इससे लोग जागरूक हों।
- प्रशांत शुक्ला, गौसेना गोविंद सेवा संस्थान, प्रभारी।
पंपलेट के माध्यम से दिया जा रहा संदेश
संस्था द्वारा विगत कुछ दिनों से शहर में जगह-जगह पंपलेट बटवाए जा रहे हैं। इन पंपलेट के माध्यम से लोगों तक संदेश पहुंचाया जा रहा है कि पॉलिथीन का उपयोग नहीं करें, कोई खाद्य पदार्थ पॉलिथीन में रखकर न फेंके, अपने घरों व समारोह का सड़ा-गला भोजन पशुओं को न खिलाएं, उपयोग हो चुकी ब्लेड व दवाईयों को खुले में न फेकें। इसके साथ ही पॉलिथीन से होने वाली तमाम नुकसानों के बारे में लोगों को बताया जा रहा है।
-मनीष दुबे, गौसेना गोविंद सेवा संस्थान।
सभी मिलकर लाएंगे क्रांति
शहर व जनपद में पॉलिथीन बंद कराना केवल गौ सेवकों का ही नहीं हर नागरिक का फर्ज है। विभिन तरीकों से आमजन को पॉलिथीन का उपयोग नहीं करने के लिए जागरूक किया जा रहा है, इसके साथ ही लोगों को इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील भी की जा रही है।
- सुनील पटैरिया, गौ सेवा मंडल, प्रभारी।
पॉलिथीन छीनकर हाथों में थमाएंगे कपड़े का थैला
बाजार में जो भी लोग पॉलिथीन का उपयोग करते हुए मिलेंगे उनके हाथों से पॉलिथीन लेकर बदले में उन्हें संगठन द्वारा कपड़े का थैला दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें पॉलिथीन के उपयोग से होने वाली जानकारी के बारे में बताकर जागरूक करने का काम किया जाएगा। यह अभियान आगामी 15 मार्च से शुरु होगा।
- योगेश दुबे, गो सेवा मंडल।
15 से 25 किलो पॉलिथीन निकलती पेट से
गौवशों की अकाल मौत की एक मुख्य वजह पॉलिथीन का सेवन करना भी है। खाद्य पदार्थ के साथ पॉलिथीन भी उनके अंदर चली जाती है और धीरे-धीरे काफी बड़े स्तर पर पॉलिथीन पेट के अंदर जमा हो जाती है। कुछ दिनों बाद यही उनकी मौत की वजह बन जाती है। वर्तमान में जितने की गौवंशों का पोस्टमार्टम किया जाता है, उनके पेट में 15 से 25 किलो ग्राम तक पॉलीथीन निकलती है।
- डा. डीपी झां, पशु अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, ललितपुर।
जारी है अभियान
पॉलिथीन को जब्त करने और लोगों को जागरूक करने का अभियान जारी है। समय-समय पर झांसी पॉल्यूशन बोर्ड की टीम भी इस अभियान में हमारा सहयोग करती है। इस वर्ष हमारे द्वारा 83 किलो पॉलिथीन जब्त की गई है।
- अवनींद्र कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका ललितपुर।