पुराने केंद्रीय विद्यालय में शिफ्ट हुई स्थायी लोक अदालत
ललितपुर। जनसेवा उपयोगी मामलों को सुलह-समझौता के माध्यम से निस्तारण के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए जनपद में शुरू की गई स्थायी लोक अदालत पुराने केंद्रीय विद्यालय में शिफ्ट कर दी गई है। करीब तीन महीने से रिक्त पद पर नवागंतुक अध्यक्ष ने अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उक्त स्थाई लोक अदालत में जनसेवा उपयोगी वादों का निस्तारण किया जाएगा।
जनहित वादों के निस्तारण के लिए जनपद में स्थापित की गई स्थायी लोक अदालत को पुलिस अधीक्षक आवास के सामने स्थित पुराने केंद्रीय विद्यालय भवन में शिफ्ट किया गया है। शुक्रवार से स्थायी लोक अदालत का इस भवन में विधिवत रूप से संचालन भी शुरू कर दिया गया और विभिन्न प्रकार के जन हित से संबंधित वादों की सुनवाई भी शुरू कर दी गई है। उक्त अदालत में रिक्त चल रहे अध्यक्ष के रूप में बरेली से आए पूर्व एडीजे श्रीकांत वर्मा ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। वह जून 2016 में उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लखनऊ में बिजलैंस टीम में शामिल रहे। जबकि वह विद्युत नियामक व्यथा निवारण फोरम चित्रकूट के चेयरमैन भी रहे हैं। फिलहाल वह चित्रकूट से ललितपुर में स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष बनाए गए हैं। उक्त स्थायी लोक अदालत में धारा-22ख के अंतर्गत वायु, सड़क या जल द्वारा यात्रियों या माल के परिवहन के लिए परिवहन सेवा, डाक, टेलीग्राफ या टेलीफोन, किसी स्थापना द्वारा जनता को शक्ति, रोशनी या पानी की आपूर्ति, लोक स्वच्छता या स्वास्थ्य रक्षा प्रणाली, अस्पताल या डिस्पेंसरी में सेवा, बीमा सेवा, रियलस्टेट व शिक्षा आदि से संबंधित मामलों का पक्षकारों में आपसी-सुलह समझौता के माध्यम से निस्तारण कराया जाएगा। शुक्रवार को उक्त अदालत में बीमा और बिजली से संबंधित मामले उक्त न्यायालय में लाए गए। इनकी सुनवाई करते हुए संबंधित पक्षकारों का पक्ष सुना गया। इस मौके पर सदस्य संगीता जायसवाल, आरती जैन के अलावा लिपिक राजेंद्र जैन आदि उपस्थित रहे।