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लंबे इंतजार के बाद, सम्पन्न हुई सह-समन्वयक चयन परीक्षा

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लंबे इंतजार के बाद हुई सह-समन्वयक चयन परीक्षा
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ललितपुर।
महीनों के इंतजार के बाद आखिर कार सह-समन्वयकों की नवीन चयन परीक्षा संपन्न हो की गई है। परीक्षा देने के लिए 100 में से 81 आवेदक ही परीक्षा देने के लिए पहुंचे। पूरी परीक्षा जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की निगरानी में आयोजित कराई गई।
शुक्रवार को जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान में सह-समन्वयकों की चयन परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा का आयोजन डीएम मानवेंद्र सिंह के निर्देशन पर सदर उप जिलाधिकारी महेश कुमार दीक्षित की निगरानी में आयोजित की गई। जनपद में सह-समन्वयकों के कुल 31 पद रिक्त चल रहे हैं, इसके सापेक्ष सहायक शिक्षकों के कुल 114 आवेदन आए थे। इनमें से 14 आवेदकों के आवेदन निरस्त कर दिए गए थे। परीक्षा में कुल 100 आवेदकों को परीक्षा देनी थी, जिसमें से कुल 81 आवेदक की परीक्षा देने के लिए पहुंचे। सुबह साढ़े 10 बजे से परीक्षा शुरू की गई, तो एक घंटे तक यानी साढ़े 11 बजे तक चली। इस दौरान समस्त परीक्षार्थियों के मोबाइल सेट शुरुआत में ही जमा करा लिए गए थे। लेकिन प्राथमिक शिक्षक संघ की शिक्षिका नेत्री जो सदर विधायक की पत्नी है, इन्होंने शुरुआत में ही अपना मोबाइल जमा नहीं कराया था। कुछ समय बाद डायट प्राचार्य ने इनका मोबाइल छीन लिया था। परीक्षा का आयोजन डायट प्राचार्य जगदीश प्रसाद राजपूत और बीएसए अंबरीष कुमार के तत्वाधान में किया गया। इसके अलावा परीक्षा शांतिपूर्वक निपट जाए, इसके लिए पुलिस कर्मियों की भी तैनाती की गई थी। पूर्व से ही हो रहे विरोध के कारण उपद्रव की आशंका था, क्योंकि शुरू से ही इस बात का विरोध चल रहा था, कि जो शिक्षक पूर्व से ही डायट में अटैच हैं और वहीं पर परीक्षा आयोजित होनी है। ऐसे में परीक्षा की गोपनीयता पर प्रश्न उठाया जा रहा था। लेकिन परीक्षा बिना की बवाल के शांति पूर्वक निपट गई। गौरतबल है कि इस परीक्षा के लिए शिक्षकों को काफी इंतजार था, क्योंकि सह-समन्वयक का पद किसी अधिकारी लेबिल से कम नहीं मनाना जा रहा है। इस पद पर पहुंचने के बाद सहायक शिक्षक अपनी मूल जिम्मेदारियों को भूलकर केवल अधिकारी बनकर विद्यालयों के निरीक्षण करने और अपना रौब छाड़ने में लगे रहते हैं।
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नहीं ले जाने दिए प्रश्न पत्र
परीक्षा संपन्न होने के बाद परीक्षार्थियों से प्रश्न पत्र वापस करा लिया गया है। ऐसा पहली बार हुआ है, इससे पूर्व में आयोजित हुई सह-समन्वयकों की परीक्षा व अन्य परीक्षाओं में परीक्षार्थी को प्रश्न पत्र घर ले जाने दिए जाते थे। इस पर परीक्षार्थियों को प्रश्न पत्र नहीं दिए गए, इससे परीक्षार्थियों को यह पता नहीं चल पा रहा है कि उन्होंने कितने प्रश्न सही किए या फिर कितने गलत किए हैं।

अपात्रों ने भी दी परीक्षा
सह-समन्वयक बनने के लिए कुल 114 सहायक शिक्षकों ने आवेदन किए थे। इनमें से 14 आवेदकों के आवेदन सह समन्वयक चयन समिति द्वारा निरस्त कर दिए गए थे। इन अनर्ह सह-समन्वयकों की सूची को परीक्षा केंद्र के बाहर चस्पा भी की थी, इसके बावजूद अनर्ह सूची में शामिल दो आवेदकों वसंत कुमार जैन और अशोक श्रीवास ने सह-समन्वयक की परीक्षा दी है। गौरतलब है कि दोनों ही पूर्व में सह-समन्वयक रहे हैं। उस दौरान दोनों के ही बीच में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था और दोनों ने एक-दूसरे मुकदमा दर्ज कराया था, तो वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। इस संबंध में सह-समन्वयक चयन समिति के सचिव बीएसए अम्बरीष कुमार का कहना है कि जिलाधिकारी के अनुमति पर उन्हें परीक्षा में शामिल किया गया है।
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आज होगा साक्षात्कार
अब शनिवार को सुबह 10 बजे से साक्षात्कार लिया जाना है, जो पूर्व से ही निर्धारित था। इस चयन परीक्षा का मूल्यांकन लिखित और साक्षात्कार को मिलाकर किया जाएगा। वर्तमान में उत्तर पुस्तिकाओं को जिला प्रशासन की निगरानी में ही कलक्ट्रेट में डबल लोक सुरक्षा व्यवस्था में रखवा दिया गया है।
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