स्कूल, चर्च के पास छलक रहे जाम
ललितपुर।
नगर के आजादपुरा तृतीय में नियमों को ताक पर रखकर देशी शराब की दुकान संचालित की जा रही है। दुकान खोलते समय न तो चर्च, मंदिर का ध्यान रखा गया और न ही स्कूल का। यहां लग रहे पियक्कड़ों के जमावड़े से महिलाएं गोविंद सागर बांध की सैर करने से कतराने लगी हैं। जिसकी शिकायत कई बार जिला प्रशासन को की गई। लेकिन, नतीजा सिफर रहा। आज भी शराब की दुकान धड़ल्ले चल रही है। जिस पर आए दिन झगड़े हो रहे हैं।
शासन ने शराब की दुकान खोलने के लिए तमाम नियम कायदे बनाए हैं। लेकिन, दुकान खोलते समय कई जगहों पर नियमों को दरकिनार कर दिया जाता है। इसका जीता जागता उदाहरण मुहल्ला आजादपुरा तृतीय की दुकान है। जिस स्थान पर शराब की दुकान को खोला गया है, उसके चंद कदम की दूूरी पर चर्च, स्कूल व मंदिर है जो पांच सौ मीटर के दायरे में आ रहे हैं। इसकी शिकायत स्थानीय लोगों ने कई बार मंडलायुक्त झांसी, जिलाधिकारी से की है, जिसकी जांच समय-समय पर हुई लेकिन जांचकर्ताओं ने इसमें लीपापोती करते हुए अपनी आख्या उच्च अधिकारियों को दे दी। एक बार तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भ्रमण के समय स्थानीय लोगों के विरोध को देखते हुए महज दो दिन के लिए बंद कर दी गई थी। इसके बाद कभी दुकान का शटर नहीं गिरा। आज भी बेरोकटोक दुकान संचालित हो रही है। इसके कारण स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति आक्रोश देखा जा रहा है। कई लोग यह भी भरोसा नहीं जता पा रहे हैं कि जब इतनी लिखापढ़ी हुई तब दुकान नहीं हट सकी तो अब शिकायतकर्ता ही मायूस होकर घर बैठ गए हैं, ऐसे में दुबारा लड़ाई लड़ना कितना सार्थक होगा, जिसको लेकर मुहल्लेवासी पशोपेश में दिखाई दिए। शिक्षिका वंदना का कहना है कि दुकान पास होने के कारण अपने घर के दरवाजे भी नहीं बैठ पाते हैं। पियक्कड़ यही आसपास बोतल, पाउच फेंक देते हैं। सुबह पांच बजे से दुकान पर पीने वाले आने शुरू हो जाते हैं।
दुकान क्या खुली मंदिर व बांध की सैर बंद हो गई
घर के दरवाजे के सामने आपे, टैक्सी खड़ी करके शराब पीने लगते हैं। किसी से कुछ कह दो तो झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। पहले सुबह शाम गोविंद सागर बांध पर टहलने तो कभी सिंचाई विभाग कालोनी स्थित मंदिर दर्शन के लिए चले जाते थे। लेकिन, जब से मुहल्ले में दुकान खुली है तब से दोनों ही जगह जाना बंद हो गया है। सुबह जब उठते हैं तो दरवाजे पर डिस्पोजल गिलास, पाउच आदि बिखरे नजर आते हैं।
विमला तिवारी
स्थानीय महिला
दुकान का लाइसेंस हो निरस्त
शराब दुकान मोड़ पर खुली हुई है, यही से महिला, पुरूष सिंचाई विभाग कालोनी के लिए निकलते हैं तो गोविंद सागर बांध के लिए यही से गुजरना पड़ता है। इसके अलावा आजादपुरा के वाशिंदों की शहर के लिए आवाजाही यही से है। इस व्यस्ततम चौराहे पर पियक्कड़ों का जमावड़ा शाम होते ही लग जाता है। कई पीने वाले शराब के पाउच लेकर गलियों में घूमते रहते हैं। इसे हटाने के लिए एक दर्जन से ज्यादा प्रार्थना पत्र प्रशासनिक अफसरों को दे चुके हैं। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने डीएम से मुहल्ले की दुकान का लाइसेंस निरस्त करने की मांग की है।
सकीराम
शिक्षक
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क्या देगें बच्चों को शिक्षा
छोटे बच्चों के सामने पियक्कड़ गालीगलौज करते हुए निकलते हैं। इसका बच्चों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। एक तरफ बच्चों की शिक्षा ध्यान देते हैं, उस पर यह माहौल उनके भविष्य को खराब कर रहा है। मुहल्ले में चोरी की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। कलारी के आने से मुहल्ले में अनेक समस्याएं बढ़ गई हैं। आखिर कब तक मुहल्लेवासियों को यह सब झेलना पड़ेगा।
रामू परिहार
स्थानीय नागरिक
नहीं की जा रही स्थलीय जांच
डीएम व कमिश्नर को कई शिकायती पत्र दे चुके हैं, जिसका निस्तारण पूर्व के प्रार्थना पत्रों पर की गई कार्रवाई के आधार पर किया जा रहा है, जो गलत है। तत्कालीन एसडीएम ने जो आख्या डीएम को सौंपी थी, उसमें मुहल्ले के बाहर के लोगों के बयान लिए गए जबकि स्थानीय लोगों से कोई बातचीत ही नहीं की गई। अब नए सिरे से शिकायत आनलाइन जनसुनवाई में की गई है। दुकान के संचालन में किसी भी नियम का ख्याल नहीं रखा गया है। उन्होंने मुहल्लेवासियों के हित दुकान हटाने की मांग की है।
वीरेंद्र कुमार साहू
स्थानीय नागरिक
घरों में रहने को विवश महिलाएं
शाम के समय पियक्कड़ों की संख्या बढ़ जाती है। कोई बैठकर तो कोई घर जाते समय गालीगलौज करते निकलता है। ऐसे में महिलाएं घर ही रहना पसंद करती हैं। अब मुहल्ले की महिलाओं ने शाम के समय घरों से निकलना ही बंद कर दिया है। बच्चों को भी स्कूल जाने में दिक्कत होती है।
अशोक कुमार
शिक्षक