संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। गर्मी में नगर के तीन माेहल्लों की 20 हजार की आबादी का पेयजल संकट दूर नहीं हो सकेगा। लेड़ियापुरा में क्षतिग्रस्त टंकी के बदले नई नहीं बन सकी है। वर्तमान में तोड़ने का कार्य चल रहा है, जो मार्च माह तक हो सकेगा। ऐसे में गांधीनगर, सिविल लाइन द्वितीय, आजादपुरा में पानी की किल्लत बरकरार रहेगी।
शहर में पेयजल सुविधा को दुरुस्त करने के लिए अमृत योजना 0.2 के अंतर्गत जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा है। लेकिन, गर्मी में पेयजल संकट की स्थित में सुधार होने की आस नजर नहीं आ रही है। कारण आजादपुरा लेड़ियापुरा में कार्यदायी संस्था द्वारा अब तक पुरानी जीर्णशीर्ण टंकी को ढहाया नहीं गया है। अब ढहाने का कार्य शुरू किया गया है। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों का कहना है कि जीर्णशीर्ण टंकी को मार्च माह के पहले सप्ताह तक तोड़ दिया जाएगा। इसके बाद मलबा उठान व सफाई होने के साथ ही टंकी का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। ऐसे में टंकी का निर्माण मार्च माह के दूसरे व तीसरे सप्ताह तक शुरू हो सकेगा। टंकी के निर्माण में लगभग चार माह का समय लग जाएगा।
ऐसे में गर्मियों के मौसम में पानी की किल्लत जस की तस रहेगी। इस समस्या से 20 हजार की आबादी को जूझना होगा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था द्वारा कार्य समय से नहीं किया गया है। अधिकारियों की उदासीनता का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ेगा।ट