ललितपुर। बिजली विभाग द्वारा भले ही ट्रांसफार्मरों की मरम्मत का दावा किया जा रहा है, लेकिन बीते डेढ़ माह में निजी नलकूप सहित विभिन्न क्षमता के पौने दो सौ से अधिक ट्रांसफार्मर खराब हो गए। बीते 15 दिन में ही विभिन्न क्षमता के 60 ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं।
उपकेंद्रों के बाद शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न क्षमता के लगभग 14,001 ट्रांसफार्मर स्थापित हैं, जिनसे उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली मिल सके। योजनाओं के अंतर्गत अभी और ट्रांसफार्मर भी लगाए जा रहे हैं। गर्मियों में ओवरलोड के चलते ट्रांसफार्मर फुंकने का खतरा सबसे अधिक रहता है। अप्रैल में विभिन्न क्षमता के 133 ट्रांसफार्मर खराब हुए, जिन्हें वर्कशॉप में सुधरवाया गया। इनमें दस केवीए के 21, 16 केवीए के चार, 25 केवीए के 92, 63 केवीए के 14 और सौ केवीए के दो ट्रांसफार्मर खराब होने से उपभोक्ताओं को बिजली के लिए परेशान होना पड़ा।
वहीं, मई में अब तक 60 ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं, जिनमें दस केवीए के 19, 25 केवीए के 37, 63 केवीए के तीन और सौ केवीए के दो ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं। इस प्रकार डेढ़ माह में ही 193 ट्रांसफार्मर खराब हुए। सौ केवीए क्षमता का एक ट्रांसफार्मर तालबेहट व एक ट्रांसफार्मर भरतपुरा का खराब हुआ था, जिसे बदलवाया गया।
ट्रांसफार्मर फुंकने पर अधिकारियाें की जिम्मेदारियां की गईं तय
पावर कार्पोरेशन ने अप्रैल में चेतावनी दी थी कि ट्रांसफार्मरों के फुंकने पर एक्सईएन, एसडीओ और अवर अभियंता जिम्मेदार होंगे। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पावर कार्पोरेशन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बिजली अधिकारी ट्रांसफार्मर पर प्रोटेक्शन यूनिट लगाएं और समय समय पर लोड व तेल की भी जांच करते रहें।
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फाल्ट, ओवरलोड व बिजली गिरने से खराब हुए ट्रांसफार्मर
वर्कशॉप में खराब होने वाले ट्रांसफार्मरों की जांच में लाइन में फाल्ट, ओवरलोड, बिजली गिरने और आंधी के चलते ट्रांसफार्मर का खराब होना पाया गया।
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बिरधा में मरम्मत के दूसरे दिन ही जला ट्रांसफार्मर
बिरधा में शुक्रवार सुबह 250 केवीए का ट्रांसफार्मर मरम्मत के दूसरे दिन ही जल गया। एक दिन पहले ही 60 लीटर ऑयल डाला गया था। आशंका जताई जा रही है कि फाल्ट होने पर चिंगारी निकलने के चलते ट्रांसफार्मर में आग लगी होगी। वहीं, रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया के पास भी कुछ दिन पहले ओवरलोड के चलते 250 केवीए ट्रांसफार्मर की केबल में आग लग गई थी, जिसे रेल कर्मचारियों की सतर्कता से समय पर बुझा दिया गया, वरना यह ट्रांसफार्मर भी जलकर खराब हो सकता था।
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ललितपुर क्षेत्र में बीते अप्रैल और मई में अब तक कुल 193 ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं। वर्कशॉप में आए ट्रांसफार्मरों की मरम्मत की गई है। अधिकांश ट्रांसफार्मर ओवरलोड, एलटी लाइन में फाल्ट होने और गाज व आंधी के कारण भी खराब हुए।
-विनय साहू, अवर अभियंता, वर्कशॉप।