घरेलू नल कनेक्शन देने में पिछड़ा जल निगम
एक हजार से ज्यादा कनेक्शन होना अभी बाकी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जल निगम निर्धन परिवारों की प्यास बुझाने में नाकाम साबित हो रहा है। अमृत योजना अंतर्गत लक्ष्य के सापेक्ष दिए गए नि:शुल्क घरेलू नल कनेक्शन की संख्या से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। इससे स्पष्ट है कि विभाग अभी भी लक्ष्य से काफी दूर है।
शासन ने निर्धन परिवारों को नि:शुल्क घरेलू नल कनेक्शन देने के लिए अमृत योजना बनाई है। योजनांतर्गत जिन घरों में नल कनेक्शन नहीं हैं, वहां पर निशुल्क नल के कनेक्शन दिए जाने का प्राविधान किया गया है। इसमें नल कनेक्शन होने के बाद लाभार्थी को कनेक्शन प्रमाण पत्र भी दिया जाता है। बीते वर्ष 2016 में जल निगम को 4,942 नलों के कनेक्शन का लक्ष्य दिया गया था। जिसे लगभग एक वर्ष में कार्य पूरा करना था लेकिन विभाग लक्ष्य के सापेक्ष 3407 नल कनेक्शन ही कर पाया है। जिससे कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। योजना की शुरुआत से ही विभिन्न प्रकार की शिकायतें शुरू हो गई। इसमें सबसे ज्यादा शिकायतें सुविधा शुल्क से संबंधित रही। इसके अलावा कई जगहों पर इसके पाइप सड़क के भीतर करने की जगह ऊपर ही खुले में यूं ही छोड़ दिए। कई ऐसे भी कनेक्शन हो गए हैं, जिनमें उपभोक्ता पानी के लिए तरस गए हैं। डीएम मानवेंद्र सिंह ने इस तरह की शिकायतों को संज्ञान में लेकर इसकी जांच अपर जिलाधिकारी को सौंप दी थी। लेकिन जांच में लीपापोती हो गई। जिससे कार्यदायी संस्था के हौसले बुलंद बने हुए हैं। ....
ईओ ने नाली से पाइप हटाने को लिखा था पत्र
नगर पालिका परिषद के तत्कालीन ईओ अवनींद्र कुमार ने नालियों से अमृत योजना के पाइप हटाने के लिए पत्र लिखा था लेकिन इस पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। बीते दिनों मामला संज्ञान में आने पर वर्तमान ईओ मधुसूदन जायसवाल ने दूरभाष पर जल निगम के परियोजना प्रबंधक को इस समस्या से अवगत कराया था।
शुल्क लेने का वीडियो हुआ वायरल
अमृत योजना का विवादों से पीछा नहीं छूट रहा है। बीते द िनों मुहल्ला तालाबपुरा में एक व्यक्ति इसकी रसीद काटने के नाम पर शुल्क लेते हुए कैमरे में कैद हो गया था। जिसका वीडियो परियोजना प्रबंधक के पास पहुंचा। इससे विभाग के कर्मियों में खलबली मच गई थी। हालांकि, इस मामले से विभागीय अफसर पल्ला झाड़ते नजर आ रहे है।
लक्ष्य पाने की हो रही कोशिश
अमृत योजना का लक्ष्य पाने का प्रयास किया जा रहा है। जहां तक वीडियो में सुविधा शुल्क लेने की बात कही जा रही है। इसमें इस तरह की पुख्ता पुष्टि नहीं हो रही है। उन्होंने सुविधा शुल्क के आरोपों को सिरे से नकार दिया है।
- प्रवीण कुमार कुट्टी, परियोजना प्रबंधक, जल निगम निर्माण इकाई, ललितपुर।