प्रधान व सचिव दबाए बैठे शौचालयों की धनराशि
विकासखंड बार में 36 ग्राम पंचायतों में नहीं बने 1400 शौचालय
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिला ओडीएफ होने के बाद भी ब्लाक बार के तीन दर्जन ग्रामों में प्रधान व सचिव शौचालयों का निर्माण नहीं करा रहे हैं। जिस पर डीपीआरओ ने ऐसी ग्राम पंचायतों को अल्टीमेटम जारी किया है। इसमें कहा गया कि एक सप्ताह में निर्माण प्रारंभ नहीं हुआ तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
वर्ष 2012 की बेसलाइन सर्वे के आधार पर जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। बीते माहों में शासन ने वर्ष 2018 बेसलाइन सर्वे के आधार पर छूटे परिवारों का चिह्नींकरण किया गया था। इस सर्वेक्षण में जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में कुल 50,775 परिवार शौचालय विहीन पाए गए थे। इस पर चिह्नित परिवारों के यहां शौचालय बनवाने के लिए 12 हजार रुपये के हिसाब से धनराशि निर्गत की गई है। इसके बाद भी जिले की तमाम ग्राम पंचायतें शौचालयों का निर्माण कराने में रुचि नहीं ले रही हैं। अकेले ब्लाक बार में 36 ग्राम पंचायतों ने 1400 शौचालयों का निर्माण अभी तक प्रारंभ नहीं कराया है। अन्य ब्लाकों में भी संतोषजनक स्थिति नहीं है। इससे शासन की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है। इसे संज्ञान लेकर डीपीआरओ ने कड़ा रुख अपना लिया है। उन्होंने ग्राम प्रधान व सचिव को एक सप्ताह में शौचालयों का निर्माण आरंभ कराने के निर्देश दिए हैं, साथ ही आगाह किया कि यदि निर्माण शुरू नहीं किया जाता है तो संबंधित ग्राम पंचायतों के प्रधान व सचिव पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शौचालय निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जिला ओडीएफ हो चुका है। वर्ष 2018 की बेसलाइन सर्वे में छूटे व वंचित परिवारों का चिह्नींकरण किया गया है, उनके लिए यहां शौचालय निर्माण के लिए धनराशि भी निर्गत कर दी गई है। इस पर सख्त निर्देश जारी किए हैं।
श्रवण कुमार सिंह, डीपीआरओ