अब रुफ टॉप सोलर पावर प्लांट से मिलेगी बिजली
नेहरुनगर में लगा चार किलोवाट का पहला घरेलू संयंत्र
बिजली कनेक्शन होने पर ही मिलेगा योजना का लाभ
सोलर प्लांट लगवाने पर सरकार से मिलेगा अनुदान
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। प्राकृतिक ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए शासन द्वारा रुफ टॉप सोलर पावर प्लांट योजना शुरू की गई है। इसमें आम आदमी भी अपनी घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन कर सकता है और वह उपयोग के बाद बची हुई बिजली को विद्युत निगम को बेच भी सकता है। इस प्लांट के लगाने में शासन द्वारा अनुदान देकर मदद भी की जा रही है। जिले में अब तक इस योजना से शहर के मुहल्ला नेहरूनगर देवगढ़ रोड निवासी एक शिक्षक ने यूपी नेडा रुफटॉपपोर्टल पर आवेदन कर पहला रुफ टॉप सोलर पावर प्लांट लगाया है, जबकि तीन अन्य लोगों ने भी इसके लिए आवेदन किया है।
पूरे जनपद में लगभग एक लाख से अधिक लोगों द्वारा उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन से बिजली कनेक्शन लेकर बिजली का उपभोग किया जा रहा है और भारी भरकम बिजली के बिलों का भुगतान करना पड़ रहा है। लेकिन अब प्रदेश सरकार द्वारा ऐसे बिजली कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं के लिए रुफ टॉप सोलर पावर प्लांट योजना शुरू की गई है। इस योजना के अंतर्गत निजी भवनों की छतों पर ग्रिड कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जाएगा। दिन के समय में सोलर प्लांट से उत्पादित विद्युत ऊर्जा का खुुद उपयोग करके बिजली बचत भी करेगा और सोलर प्लांट की सरप्लस विद्युत को ग्रिड में निर्यात कर आय भी अर्जित की जा सकती है। इस रुफटॉप सोलर पावर प्लांट के एक किलोवाट क्षमता के पैनल की लागत 70 हजार रुपए आती है। घरेलू उपयोग के लिए रुफटॉप सोलर पावर प्लांट की स्थापना पर केंद्र सरकार द्वारा 30 प्रतिशत और राज्य सरकार द्वारा प्रतिकिलोवाट के प्लांट पर 15 हजार रुपये अधिकतम तीस हजार रुपये का अनुदान भी उपलब्ध कराया जा रहा है। रुफ टॉप सोलर पावर प्लांट की स्थापना के लिए लोगों को यूपीनेडासोलररुफटॉपपोर्टल पर आवेदन करना होगा। इसके बाद नेडा की फर्म से सिलेक्टेड सोलर पैनल लगवाकर उसका बिल नेडा को भेजना होता है। जिस पर नेडा द्वारा सरकार से अनुदान को उस व्यक्ति को उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं ग्रिड कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट लगवाने के लिए बिजली विभाग द्वारा नया मीटर भी लगाएगा, इस मीटर में जो बिजली उपभोग की जा रही है और जो बिजली ग्रिड को जाएगा, उसकी रीडिंग अलग-अलग दर्शायी जाती है। इसके साथ ही उपभोग की जाने वाली बिजली और ग्रिड में जाने वाली बिजली का अंतर की रीडिंग भी दर्शायी जाती है, जिसके हिसाब से बिजली विभाग द्वारा उतनी राशि का बिल माइनस होकर बिजली का बिल उपभोक्ताओं को दिया जाएगा। हालांकि इस योजना में यह सोलर पावर प्लांट घरों में जितनी क्षमता का पूर्व से बिजली कनेक्शन होगा, उतनी क्षमता तक का ही यह सोलर प्लांट स्थापित किया जाएगा। जनपद में अभी तक सरकार की इस योजना के तहत चार किलोवाट क्षमता का रुफ टॉप सोलर पावर प्लांट शहर के मुहल्ला नेहरुनगर स्थित देवगढ़ रोड स्थित शिक्षक पंकज जैन द्वारा निजी भवन की छत पर लगाया गया है और यह सोलर पावर प्लांट पूरे जनपद में पहला घरेलू रुफटॉपसोलर पावर प्लांट स्थापित किया गया है। शिक्षक द्वारा बताया गया है कि अभी उसके घर पर करीब 17 दिन पहले ही यह प्लांट स्थापित हुआ है और इस प्लांट से दिन में करीब 17 यूनिट बिजली बन रही है।
बिजली आने पर ही मिलेगी सोलर प्लांट की बिजली
रुफटॉप सोलर पावर प्लांट से उत्पादित बिजली का उपभोग तभी किया जा सकेगा, जब तक बिजली विभाग की बिजली मिलती रहेगी। बिजली जाते ही सोलर की बिजली मिलना भी बंद हो जाएगी। इसका कारण यह है कि बिजली जाने पर शटलेकर काम करने के दौरान लाइनमैन को नुकसान न हो।
डीसी से एसी में कंवर्ट के लिए लगाया जा रहा इंवर्टर
इस योजना से सोलर प्लांट से घरों को बिजली मुहैया कराने के लिए प्लांट से मिलने वाली बिजली को डीसी से एसी में बदलने के लिए एक इंवर्टर पैनल भी लगाया गया है। साथ ही इस इंवर्टर में ही कितनी बिजली दिन भर में बन रही है उतनी यूनिट इसमें स्पष्ट रूप से दर्शाई जाती है।
इनका कहना है-
सरकार द्वारा रुफ टॉप सोलर पावर प्लांट की योजना शुरू की गई है, जो निजी भवनों की छत पर लगाया जा रहा है। इसके लिए यूपीनेडासोलररुफटॉपपॉर्टल पर ऑन आवेदन करना होता है। इस योजना में सरकार द्वारा प्लांट लगवाने पर अनुदान भी दिया जा रहा है। इसमें खास बात यह है कि जितनी बिजली बचेगी वह सीधे ग्रिड में भेजी जा सकती है।
अतुल शंकर श्रीवास्तव, वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नेडा, ललितपुर।