बोर्ड परीक्षा में बैठक व्यवस्था बनी चुनौती
ललितपुर। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा छह फरवरी से 10 मार्च तक आयोजित की जानी है। बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र का चयन कर और परीक्षार्थियों का भी निर्धारण हो चुका है, लेकिन कई परीक्षा केंद्रों पर जितने छात्रों के बैठने की क्षमता से उससे डेढ़ से दो गुना तक अधिक परीक्षार्थी निर्धारित कर दिए गए हैं। ऐसे में निर्धारित परीक्षार्थियों को बैठने की उचित व्यवस्था कर पाना प्रशासन और माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए चुनौती बन सकता है।
बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्रों का चयन कर दिया गया है और 20 नवंबर तक परीक्षा केंद्रों पर आपत्ति की गई थी और 24 नवंबर का इन आपत्तियों का निस्तारण होना था। आपत्तियों के निस्तारण के संबंध में विगत रोज डीएम मानवेंद्र सिंह ने विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। परीक्षा केंद्रों में सबसे ज्यादा आपत्तियां परीक्षा के लिए बनाए गए केंद्रों से ही प्राप्त हुई हैं और इससे परीक्षार्थियों का छात्रांकन सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने आया है। परीक्षा के लिए जिन विद्यालयों को केंद्र बनाया गया है, वहां पर परीक्षार्थियों की बैठने की क्षमता से कई ज्यादा परीक्षार्थियों का निर्धारण कर दिया गया है। इस समस्या के लिए डीएम ने निर्देश दे दिए है कि परीक्षा के पहले समस्त केंद्रों पर परीक्षार्थियों के लिए बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करा दी जाए। क्षमता से अधिक परीक्षार्थियों को परीक्षा के दौरान बैठने की उचित व्यवस्था कराना किसी चुनौती से कम नहीं रहेगा। इसके अलावा आश्रम पद्धति आवासीय विद्यालय तालबेहट को केंद्र बनाया गया था, यह आवासीय विद्यालय है आपत्ति आने पर इसके स्थान पर जीआईसी जखौरा को केंद्र बना दिया गया है, इसके साथ ही जीआईसी माताटीला को भी बोर्ड परीक्षा केंद्र की सूची में शामिल कर लिया गया है। गौरतलब है इन दोनों ही नवीन केंद्रों में चारदीवारी नहीं है, इसी वजह से उनको चयनित केंद्रों की सूची से बाहर रखा गया था।
इन विद्यालयों से आई आपत्ति
सबसे अधिक आपत्तियां परीक्षार्थियों की संख्या को लेकर है। विद्यालय की धारण क्षमता से काफी अधिक परीक्षार्थी आवंटित कर दिए हैं। श्री छत्रशाल जिला परिषद इंटर कॉलेज पाली बालक-बालिका का स्वकेंद्र बना है। विद्यालय की धारण क्षमता 450 है, जबकि इसके सापेक्ष हाईस्कूल में 591 परीक्षार्थी आवंटित किए गए है, 141 परीक्षार्थी अधिक है। इसी तरह सीवी गुप्ता इंटर कॉलेज महरौनी में 500 की धारण क्षमता के सापेक्ष हाईस्कूल में लगभग दो गुना यानी 959 परीक्षार्थी आवंटित हैं। इंटर कॉलेज बांसी में 650 के धारण क्षमता के सापेक्ष हाईस्कूल में 998 परीक्षार्थी, जिला परिषद इंटर कॉलेज पाली में 500 के सापेक्ष हाईस्कूल में 736 परीक्षार्थी, राजकीय इंटर कालेज बार में 700 के सापेक्ष हाईस्कूल में 1,064 परीक्षार्थी, रानी लक्ष्मीबाई हाईस्कूल हंसारकलां में 400 के सापेक्ष हाईस्कूल में 700 परीक्षार्थी, राजकीय हाईस्कूल में 150 के सापेक्ष हाईस्कूल में तीन गुना यानी 427 परीक्षार्थी आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा भी एक दर्जन से अधिक विद्यालय हैं, जिन्होंने क्षमता से अधिक परीक्षार्थी आवंटित करने के संबंध में आपत्ति दर्ज कराई है। इसके अलावा सरस्वती विद्यालय मंदिर इंटर कॉलेज महरौनी ऐसा विद्यालय है, जहां पर 750 परीक्षार्थियों की धारण क्षमता है, जबकि इसमें क्षमता से 589 परेक्षार्थी कम आवंटित किए गए हैं इस केंद्र पर 260 परीक्षार्थी आवंटित किए गए हैं।
विगत वर्ष से 2,883 परीक्षार्थी बढ़े
इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों के आंकड़ों के अनुसार हाईस्कूल के संस्थागत व व्यक्तिगत छात्र-छात्राएं दोनों मिलाकर कुल 24,125 परीक्षार्थी हैं और इंटरमीडिएट में संस्थागत व व्यक्तिगत छात्र-छात्राएं दोनों मिलाकर कुल 14,695 परीक्षार्थी हैं। वहीं विगत वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो हाईस्कूल में कुल 22,195 और इंटरमीडिएट में कुल 13,742 परीक्षार्थी थे। दोनों वर्ष के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष हाईस्कूल में 1,930 और इंटरमीडिएट में 953 परीक्षार्थी यानी कुल 2,883 परीक्षार्थियों की बढ़ोतरी हुई है।
बैठने की होगी उचित व्यवस्था
विद्यालयों से अपत्तियां आई और सभी का निस्तारण किया जा रहा है। समस्त परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा से पूर्ण बैठने की उचित व्यवस्था कर दी जाएगी।
-वीरेंद्र कुमार दुबे, जिला विद्यालय निरीक्षक, ललितपुर।