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परिषदीय स्कूलों में अध्यापकों के चस्पा होंगे फोटो

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शिक्षक नहीं रख सकेंगे ठेका टीचर
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
परिषदीय स्कूलों में कार्यरत अध्यापकों को अपने स्थान पर अन्य किसी व्यक्ति से शिक्षण कार्य कराना आसान नहीं होगा। शासन ने इस प्रक्रिया को हतोत्साहित करने के मकसद से समस्त परिषदीय विद्यालयों, सहायता प्राप्त प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के नोटिस बोर्ड पर श्रेणीवार अध्यापकों के फोटोग्राफ्स लगाने के निर्देश जारी किए हैं।
बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसमें अध्यापकों को मोटी तनख्वाह पर शिक्षण कार्य के लिए रखा गया है। इसके बाद भी तमाम शिक्षक स्कूलों में शिक्षण कार्य से कन्नी काटते हैं। विशेषकर दूरस्थ क्षेत्र के स्कूलों में कार्यरत कुछ शिक्षक अपनी जगह गांव के किसी बेरोजगार युवक-युवती को शिक्षण कार्य के लिए रख देते हैं। इस तरह कई शिक्षक स्कूलों से महीनों गायब बने रहते हैं। इस स्थिति से जिला भी अछूता नहीं है। यहां कुछ शिक्षक स्कूल जाने की जगह ठेकेदारी कर रहे हैं तो कई शिक्षक ऐसे हैं, जिनका वेतन किसी स्कूल से निकल रहा है और शिक्षण कार्य किसी स्कूल में कर रहे हैं। यह सब शासन की नजर में आ गया है। अब शासन ने सभी परिषदीय और सहायता प्राप्त प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के नोटिस बोर्ड पर श्रेणीवार अध्यापकों के फोटोग्राफ्स लगाने के निर्देश दिए हैं, जिससे कि छात्र व उनके अभिभावक विद्यालय में तैनात अध्यापकों के बारे में जान सकें। शासन के सचिव अजय कुमार सिंह ने शिक्षा निदेशक बेसिक को लिखे पत्र में कहा कि समय-समय पर विद्यालयों में प्रौक्सी टीचर्स द्वारा कार्य करे की शिकायतें विशेषकर दूरस्थ क्षेत्रों से संज्ञान में आती हैं। इस प्रक्रिया को हतोत्साहित करने के लिए अध्यापकों के फोटो स्कूल के नोटिस बोर्ड पर लगाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने इस कार्रवाई से शासन को अवगत कराने के लिए कहा है। इसके अनुपालन में अपर शिक्षा निदेशक शिविर नीना श्रीवास्तव ने सभी बीएसए को पत्र जारी किया है। इससे लापरवाह शिक्षकों में खलबली मच गई है, उन्हें रोजाना स्कूल जाने की चिंता सताने लगी है।
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अस्थाई ड्यूटी पर भी पड़ेगी चोट
परिषदीय विद्यालयों में स्टाफ का फोटो लगाने से अटेचमेंट के खेल पर करारी चोट पड़ेगी। जिले में तमाम शिक्षक, अनुदेशक और शिक्षा मित्र दूरस्थ स्कूलों में जाने की जगह घर के निकटतम स्थलों पर अपनी ड्यूटी लगवाते हैं। इससे ऐसे विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था प्रभावित बनी रहती है।
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फ्लेक्स पर लगेगे शिक्षकों के फोटो
जिले के 1049 प्राथमिक और 492 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अध्यापक, अनुदेशक व शिक्षा मित्रों के फोटो फ्लेक्स में लगाए जाएंगे। इन फ्लेक्स को स्कूल परिसर लगवाया जाएगा। इससे कि अभिभावक व बच्चे अपने अध्यापक को आसानी से पहचान सकें।
संतोष कुमार राय, बीएसए ललितपुर।
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