बिरधा व पाली बिजली सब स्टेशन पर नहीं होगी ओवरलोडिंग
ललितपुर। बिरधा, पाली और बाईपास विद्युत सब स्टेशन को शीघ्र ही ओवरलोड से निजात मिलेगी और क्षेत्र के उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली बिना रुकावट के मिल सकेगी। पावर कार्पोरेशन द्वारा सेकेंडरी वर्क्स के माध्यम से कल्यानपुरा स्थित 220 केवी बिजली घर से पाली, बिरधा और बाईपास विद्युत सब स्टेशन के लिए 33 केवी हाइटेंशन लाइनें बिछाई जा रही हैं, इन पर चार करोड़ रुपये खर्च होगा।
बिरधा, पाली और बाईपास विद्युत सब स्टेशनों को निर्माण के समय से ही रोंड़ा स्थित 132 केवी सब स्टेशनों से जोड़कर क्षेत्रवासियों को बिजली आपूर्ति की जा रही है। इस कारण ओवरलोड के कारण हाइटेंशन लाइनों में अक्सर फाल्ट होने के कारण घंटों फीडरों की बिजली बंद बनी रहती है। बाईपास विद्युत सब स्टेशन के कल्यापुरा, मसौरा, खितवांस, निवाई फीडरों की बिजली गर्मियों के दिनों में अक्सर ओवरलोड में बंद पड़ी रहती हैं। अधिक ओवरलोड के दौरान अल्टरनेट कर फीडरों को बिजली आपूर्ति करनी पड़ती है।
बिरधा और पाली सब स्टेशन की स्थिति तो और भी खराब है। बिरधा या पाली सब स्टेशनों के लिए रोंड़ा से एक ही हाइटेंशन लाइनों से जोड़ा गया है। यदि इन दोनों में से किसी भी एक सब स्टेशन की हाइटेंशन लाइनों में फाल्ट होता है तो दोनों सब स्टेशनों की बिजली आपूर्ति एक ही लाइन से जुड़ी होने के कारण ठप पड़ जाती है और ऐसा अक्सर होता है, जब इन लाइनों में फाल्ट होता रहता है। लेकिन, अब उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा बिरधा, पाली और बाईपास विद्युत सब स्टेशनों की बिजली आपूर्ति में सुधार करने के लिए तीनों सब स्टेशनों के लिए कल्यानपुरा स्थित 220 केवी क्षमता के सब स्टेशन से अलग-अलग हाइटेंशन लाइनें बनाकर जोड़ा जा रहा है। कल्यानपुरा से बाईपास के लिए करीब 17 किलोमीटर लंबाई की हाइटेंशन लाइन बनाई जा रही है, जबकि कल्यानपुरा से बिरधा और पाली के लिए करीब 50-50 किलोमीटर लंबाई की हाइटेंशन लाइनें बिछाई जा रही हैं। कल्यानपुरा से पाली और बिरधा के लिए बिछाई जाने वाली हाइटेंशन लाइनों को रोंड़ा से पूर्व से बिछाई गई हाइटेंशन लाइनों से जोड़ा जाएगा। इन तीनों सब स्टेशनों तक यह हाइटेंशन लाइनों के बिछाने में लगभग चार करोड़ रुपये की लागत आएगी।
सेकेंडरी वर्क्स झांसी के उपखंड अधिकारी अरविंद कुमार गौतम ने जानकारी देते हुए बताया कि बिरधा, पाली और बाईपास 33 केवी विद्युत सब स्टेशन तक कल्यानपुरा विद्युत सब स्टेशन से इन लाइनों के बिछाए जाने का कार्य शुरू कर दिया गया है, जो लगभग तीन माह में पूरा कर लिया जाएगा।