शिक्षामित्रों ने मनाया काला दिवस
- 25 जुलाई को सुप्रीमकोर्ट ने समायोजन किया था रद
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बुधवार 25 जुलाई को जनपद के शिक्षामित्रों ने आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से कार्य बहिष्कार करके काला दिवस के रुप में याद किया। पिछले वर्ष 25 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश के करीब 1.70 लाख शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक पद पर हुए समायोजन को रद कर दिया था। इसको बुधवार को पूरा एक वर्ष हो गया है।
इस अवसर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष भगवत सिंह बैस की अध्यक्षता में बैठक भी आयोजित की गई। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार को शिक्षामित्रों पर अति शीघ्र दया करनी चाहिए। पिछले 17 वर्षों की तपस्या को दर किनार न करें और शिक्षामित्रों का भविष्य संरक्षित करने के लिए ठोस कमद उठाएं। जब तक कोई उचित निर्णय सरकार नहीं लेती तब तक हम लोग आंदोलन करते रहेंगे। बृजेश कुमार टोटे ने कहा कि आज हमारे बीच के लगभग 700 से अधिक शिक्षामित्रों की अवसाद में जाने चली गई, लेकिन सरकार के नुमाइंदों ने सम्वेदनाओं में दो शब्द तक नहीं कहे हैं। बृजेंद्र तिवारी ने कहा कि हम शिक्षामित्रों को एक वर्ष सरकार की चौखट पर गिड़गिड़ाते हुए बीत गया। हमारी बहिनों को मुण्डन तक करवाना पड़ा इसके बाद भी सरकार पर कुछ फरक नहीं पड़ा। नरेंद्र रजक ने कहा कि सरकार को शिक्षा मित्रों के परिवार के बारे में सोचना चाहिए। बैठक में प्रमुख रुप से शैलेन्द्र राजा बुंदेला, कुलदीप गोस्वामी, अशोक अहिरवार, सूर्यप्रताप सिंह बुन्देला, नारायण पांडेय, राजेश पटैरिया, राजेंद्र पस्तोर, अशोक परिहार, परमेंद्र रैकवार, हेमलता कुशवाहा व सुधीर शर्मा आदि उपस्थित रहे।