पनपने लगे मच्छर, मलेरिया के बढ़े मरीज
20 दिनों में मलेरिया के 43 रोगी मिले, कुल संख्या हुई 58
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बारिश के मौसम में मच्छरों के पनपने से मलेरिया ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। बीते 20 दिनों में मलेरिया के 43 मरीज पाए हैं। हालांकि, जिले में अभी तक डेंगू का कोई भी मरीज सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग जुलाई को डेंगू माह के रूप में मना रही है। इस दौरान गठित टीमें डेंगू के साथ मलेरिया का भी चिह्नींकरण कर रही हैं। यही नहीं, इससे निपटने के लिए जगह-जगह छिड़काव किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जून माह 18 में 11 मरीज मलेरिया के चिह्नित हुए थे। लेकिन अब इनकी संख्या में बढ़कर कुल 58 हो गई। हालांकि, जुलाई माह में डेंगू का एक मरीज अब तक पकड़ में नहीं आया है। वर्ष 2017 के जून माह में चार डेंगू के मरीज चिह्नित हुए थे। वर्तमान में भी इनके चिह्नींकरण का काम चल रहा है। डेंगू मलेरिया आदि बीमारी फैलाने वाले मच्छर अगस्त से नवंबर तक प्रभावी रहते हैं। यह समय मच्छरों को पनपने के लिए सबसे अनुकूल होता है। डेंगू और चिकनगुनिया का एडीज मच्छर दिन में काटता है जबकि मलेरिया का एनाफिलीज मच्छर रात में और फ़ाईलेरिया का क्यूलेक्स बिसनोई मच्छर दिन में काटता है, लेकिन उसका असर तब ज्यादा फैलता है जब व्यक्ति शांत अवस्था में बैठा हो।
ये हैं मलेरिया के लक्षण
सर्दी के साथ एक दिन छोड़कर बुखार आना
उल्टी, सिरदर्द, बुखार उतारने के बाद पसीना निकलना, कमजोरी आना
ऐसे पहचाने जाते डेंगू के लक्षण
तेज बुखार, सिरदर्द, बदन व जोड़ों में दर्द, शरीर पर लाल दाने, खून की उल्टी, पेशाब और मल में खून आना
ऐसे होती चिकनगुनिया की पहचान
तेज बुखार, मांस पेशियों, कमर व जोड़ों में बहुत तेज दर्द व सूजन आना, शरीर पर लाल दाने व चकत्ते पड़ जाना है।
ये हैं बचाव के तरीके
सभी मच्छर रुके हुए और साफ पानी में अंडे देते हैं इसलिए रुके हुए पानी के स्थान को भर दें या कुछ बूंदे मिट्टी के तेल की डाल देनी चाहिए। घर में भरे हुए कूलर को सप्ताह में एक बार अवश्य साफ करें। डेंगू चिकनगुनिया का मच्छर दिन में काटता है तो पूरी आस्तीन के कपड़े व मोजे अवश्य पहने। घर और छतों पर पड़े अनावश्यक पत्रों को हटा दें और सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। वहीं, बुखार आने पर पैरासिटामोल दवा खाएं और अस्पताल में पूर्ण जांच कराकर उपचार कराएं।
जनपद समाप्त हो चुका फाइलेरिया
पिछले पांच सालों में जनपद में चिकनगुनिया और फ़ाईलेरिया के एक भी मामले सामने नहीं आए हैं। वहीं, फाइलेरिया भी जनपद में पूरी तरीके से समाप्त हो चुका है। वहीं, मलेरिया व डेंगू पर लगातार नजर रखी जा करही है। इसके बचाव के उपाय किए जा रहे हैं।
डा केएस यादव
जिला मलेरिया अधिकारी