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शहर के बिगड़ रहे ड्रेनेज सिस्टम के लिए अमृत योजना जिम्मेदार
बारिश के दौरान गंभीर हो रही है जलभराव की समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शहर के बिगड़े ड्रेनेज सिस्टम में अमृत योजना की पाइप लाइनों ने आग में घी डालने का काम किया है। इस संबंध में नगर पालिका के ईओ ने जलनिगम के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखा है। इसके बाद भी समस्या का निदान नहीं हो सका है। अब जब बारिश होने लगी है तो शहरवासियों के सामने जलभराव की समस्या गंभीर रूप लेती दिखाई दे रही है।
शहर में रहने वाले निर्धन परिवारों को अमृत योजना के तहत नि:शुल्क जल संयोजन दिए जा रहे हैं। योजना में अब तक करीब 23 सौ संयोजन विभिन्न वार्डों में दिए जा चुके हैं। इससे जगह-जगह पाइपों का जाल बिछ गया है। ठेकेदारों ने जो पाइप डाले हैं, उन्हें नालियों से होकर घर पहुंचाया गया है। इस तरह के पाइपों को मुहल्ला रैदासपुरा, नदीपार स्थित ललितेश्वरी मंदिर के पास देखा जा सकता है। 11 जून को अमर उजाला के पेज नंबर दो पर शहर के लिए जहर बनी अमृत पाइप योजना शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया था। जिसे संज्ञान में लेकर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अवनींद्र कुमार ने जल निगम के एक्सईएन को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया कि शहर में अमृत योजना के तहत बिछाई जा रही पाइप लाइनों के जाल ने ड्रेनेज सिस्टम को बिगाड़कर रख दिया है। ठेकेदार जहां उपभोक्ताओं को कनेक्शन दे रहे हैं, वहां के पाइपों को नालियों के बीच से निकालकर संबंधित के घर तक पहुंचा रहे हैं। इससे नालियों में पानी निकलने से परेशानी होगी। मानसून सीजन की बारिश का पानी सड़कों से होकर बहेगा। ऐसे में विभिन्न मुहल्लों में जल भराव का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। इसके बाद भी जल निगम के अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। शुक्रवार को हुई करीब एक घंटे की बारिश में जैसी आशंका जाहिर की गई थी, ठीक वैसे ही जगह-जगह जलभराव हो गया। उधर, पूर्व सभासद मु. इदरीश राईन ने नगर पालिकाध्यक्ष रजनी साहू को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया है कि मुहल्ला आजादपुरा में जगह-जगह जल भराव की स्थिति हो गई है। उन्होंने ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त बनाने की मांग की है।
जल निगम को दोबारा लिखेंगे पत्र
ड्रेनेज सिस्टम बिगड़ने के संबंध में बारिश से पहले ही जल निगम को पत्र लिख दिया गया था। इस क्रम में क्या कार्रवाई की गई? इसकी जानकारी नहीं है। यदि उन्होंने कार्रवाई नहीं की है तो विभाग को दोबारा पत्र लिखा जाएगा।
अवनींद्र कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद