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जिले को ओडीएफ बनाने की रफ्तार सुस्त, 1

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जिले को ओडीएफ बनाने की रफ्तार सुस्त
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185 गांवों में ही सफल हुई मुहिम
वित्तीय वर्ष में शौचालय का भी लक्ष्य नहीं किया जा सका हासिल
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
जिले की कुल 416 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ बनाने की रफ्तार बेहद सुस्त है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि विभाग ने अभी तक 185 गांवों को ही खुले में शौच की समस्या से छुटकारा दिलाया है। इतना ही नहीं, शौचालय निर्माण का भी लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सका है। मार्च माह तक सिर्फ 43 हजार 660 शौचालय ही बन पाए हैं।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर व गांवों को खुले में शौच की समस्या से निजात दिलाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत जून माह 18 तक जिले को खुले में शौच से मुक्त करना है। जहां व्यक्तिगत शौचालय बनवाए जा रहे हैं। वहीं, लोगों को खुले में शौच नहीं करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। शौचालय निर्माण में लाभार्थी को दो किस्तों में बारह हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है। जिला पंचायत राज विभाग के अधिकारी इस अभियान को संचालित कर रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2017-18 में एक लाख सात हजार सात सौ इक्तीस लक्ष्य के सापेक्ष 43660 शौचालयों का ही निर्माण कराया जा सका है। इससे गांवों को ओडीएफ करने की गति में सुस्ती आई है। ब्लाकवार नजर डालें तो ब्लाक मड़ावरा में 44, तालबेहट में 43, बिरधा में 31, जखौरा में 33, महरौनी में 20, बार में 14 गांव ही ओडीएफ हो सके। वहीं, शहर की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। बीते दिवस जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने शहर का निरीक्षण किया तो उन्हें दो व्यक्ति खुले में शौच करते हुए पाए गए थे। जिस पर उन्होंने पर दोनों व्यक्तियों को व्यक्तिगत शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित किया। इससे स्पष्ट है कि शहर के विभिन्न वार्डो में खुले में शौच की समस्या बरकरार है।
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अन्य जिलों से स्थिति ठीक
जिले के 185 गांवों को ओडीएफ बनाया जा चुका है। कई अन्य गांव भी ओडीएफ होने की कगार पर हैं। जून माह 18 तक जिले को ओडीएफ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसे ध्यान में रखकर काम किया जा रहा है।
श्रवण कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी
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