अवैध होर्डिग्स मामले में पालिका चुप
ललितपुर।
नगर पालिका परिषद ने चिह्नित अवैध होर्डिग्स को हटाने के मामले में चुप्पी साध ली है। इसके कारण अवैध होर्डिग्स लगाने वालों के हौसले बुलंद हैं। वहीं, नगर पालिका को भी राजस्व की हानि उठानी पड़ रही है।
नगर पालिका परिषद अपना खजाना भरने के लिए विभिन्न प्रकार के शुल्क की वसूली करती है। इनमें बसस्टैंड पार्किंग शुल्क, टैक्सी टूसीटर और लोडिंग टैंपो, मोटर ठेला, ट्रैक्टर, मिनी लोडिंग टैंपो, साइकिल स्टैंड पार्किंग शुल्क (ट्रैक्टर कृषि कार्य को छोड़कर), मवेशी बाजार पंजीयन शुल्क, बाल क्रीड़ा स्थल में कैंटीन के ठेका किया जाता है। इसी तरह विज्ञापन कर निर्धारण कर होर्डिग्स से वसूली करती है। नगर पालिका 30 सितंबर 2016 के बाद से इसका ठेका नहीं कर सकी है। इसका अनुचित फायदा उठाते हुए कुछ विज्ञापन एजेंसियों ने अवैध होर्डिग्स शहर के विभिन्न स्थानों पर लगा दिए हैं, जिनसे मनमाना शुल्क लेकर एजेंसियां मालामाल हो रही हैं। वहीं, नगर पालिका को राजस्व की चपत लग रही है। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष रजनी साहू ने पद पर बैठते ही इस पर ध्यान देते हुए वैध और अवैध होर्डिग्स का चिह्नींकरण कराया। इसमें 159 वैध और 34 अवैध होर्डिग्स चिह्नित हुए। इस प्रक्रिया को अपना हुए लगभग एक पखवाड़ा का समय बीत गया है लेकिन अभी तक अवैध होर्डिग्स हटाने की कार्रवाई प्रारंभ नहीं हुई है।
नए रेट पर नहीं हो सका ठेका
नगर पालिका परिषद ने आठ अप्रैल 2017 को विज्ञापन के नए सिरे से रेट तय करते हुए इसका गजट करा लिया है। तीन मई 17 को अधिशासी अधिकारी ने इसे सीन कर लिया है। इसमें विभिन्न मुुहल्लों के लिए पृथक-पृथक रेट तय किए गए हैं। लेकिन इसका अभी तक नए रेटों पर ठेका नहीं हो सका है। अगले वित्तीय वर्ष के लिए इसका ठेका होता है या नहीं, इस पर सभी की नजरें हैं।
अवैध होर्डिग्स हटाने का दिया मौका
जिन लोगों ने शहर में अवैध होर्डिग्स लगा रखे हैं, उन्हें होर्डिग्स हटाने का अवसर दिया है। यदि वह इन्हें नहीं हटाएंगे तो पालिका उनके फ्रेम सहित होर्डिग्स को हटा देगी।
रजनी साहू, पालिकाध्यक्ष