छह विकास खंडों के 96 गांव में लगेगी किसान पाठशाला
ललितपुर। अगले पांच वर्षों में किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की तकनीक सिखाने के लिए जिले के 96 गांव में किसान पाठशाला का आयोजन किया जाएगा। इस पांच दिवसीय पाठशाला में हर न्याय पंचायत के दो गांव में किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की तकनीक सिखाई जाएगी। यह किसान पाठशाला गांवों में प्राथमिक विद्यालयों की छुट्टी होने के बाद दोपहर साढ़े तीन बजे से शाम साढ़े चार बजे तक लगाई जाएगी।
शासन द्वारा अब ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को आधुनिक व वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए प्रेरित करने और उसकी उपयोगिता व लाभ बताने के लिए किसान पाठशाला (द मिलियन फार्मर्स स्कूल) खोलने का निर्णय लिया है। इसमें किसानों को जनपद सहित मंडल के कृषि विशेषज्ञों द्वारा खेती की वैज्ञानिक तकनीक सिखाई जाएगी। इस योजना के तहत किसान पाठशाला का आयोजन जिले में दो चरणों में किया जाएगा। पहला चरण पांच दिसंबर से नौ दिसंबर तक और दूसरा चरण 11 दिसंबर से 15 दिसंबर तक चलेगा। दोनों चरणों में जिले के छह ब्लॉक के अंतर्गत 48-48 गांव को शामिल किया गया है। इसमें प्रत्येक न्याय पंचायत के अंतर्गत कम से कम दो-दो ग्राम पंचायतों में यह पांच दिवसीय किसान पाठशाला का आयोजन होगा।
पाठशाला के आयोजन के लिए उन्नीस नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो इस पाठशाला का आयोजन कराएंगे। विकास खंड जखौरा अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में किसान पाठशाला आयोजन करने के लिए खंड विकास अधिकारी जखौरा, भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य, पशु चिकित्साधिकारी जखौरा को नोडल बनाया गया है। विकास खंड बिरधा के अंतर्गत ग्रामों के लिए खंड विकास अधिकारी बिरधा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ललितपुर, सह निदेशक/अध्यक्ष कृषि विज्ञान केंद्र खिरिया मिश्र को नोडल नियुक्त किया है। विकास खंड महरौनी के अंतर्गत खंड विकास अधिकारी महरौनी, भूमि संरक्षण अधिकारी महरौनी, पशु चिकित्साधिकारी महरौनी को नोडल बनाया है। विकास खंड मड़ावरा अंतर्गत गांव में पाठशाला आयोजन के लिए खंड विकास अधिकारी मड़ावरा, पशु चिकित्साधिकारी मड़ावरा, प्रक्षेत्र प्रबंधक, राजकीय पशुधन एवं प्रक्षेत्र सैदपुर को नोडल बनाया है। वहीं विकास खंड बार के अंतर्गत खंड विकास अधिकारी बार, पशु चिकित्साधिकारी बार को नोडल नियुक्त किया है, जबकि विकास खंड तालबेहट के अंतर्गत पाठशाला आयोजन को खंड विकास अधिकारी तालबेहट, जिला कृषि अधिकारी ललितपुर और पशु चिकित्साधिकारी को नोडल नियुक्त किया गया है। पर्यवेक्षीय अधिकारी अपने-अपने आवंटित विकास खंड की किसान पाठशालाओं का प्रतिदिन निरीक्षण करेंगे और निरीक्षण आख्या उपकृषि अधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी। किसान पाठशाला में कृषि विशेषज्ञों द्वारा किसानों को खाद, बीज, कीटनाशक दवाओं के प्रयोग और फसलों को विभिन्न रोगों से बचाव के उपाय और वैज्ञानिक तकनीक से खेती के गुर सिखाएं जाएंगे।
हर दिन का कार्यक्रम तय हुआ
जिले के ग्रामों में पांच दिवसीय किसान पाठशाला के आयोजन में हर दिन विशेषज्ञों द्वारा अलग-अलग तकनीक से खेती के गुर सिखाने का कार्यक्रम भी तय किया गया है। इसके अंतर्गत पहले दिन विशेषज्ञों द्वारा रबी की मुख्य फसलों, बीजों पर अनुदान, मृदा स्वास्थ्य सुधार, स्वाइल हैल्ड कार्ड, टिकाऊ खेती, जीरो बेस्ड एग्रीकल्चर, जैविक खेती आदि की जानकारी किसानों को मुहैया कराई जाएगी। दूसरे दिन खाद, बीज, कीटनाशक के उपयोग से दुष्प्रभाव, ड्रिप सिंचाई, जन प्रबंधन, उन्नत खेती करना, आदि की जानकारी दी जाएगी। तीसरे दिन फसल बीमा योजना, मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड आदि से अवगत कराया जाएगा। चतुर्थ दिन पोस्ट हार्वेस्ट तकनीक, मूल्य संवर्धन की जानकारी, खाद्य प्रसंस्करण के तहत ग्रेडिंग, पैकेजिंग विपणन, ई-बाजार आदि की जानकारी दी जाएगी। पांचवें दिन जीव प्रबंधन, पारदर्शी किसान सेवा योजना, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर की जानकारी किसानों को विशेषज्ञों द्वारा देने की योजना तैयार की है।