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राजनैतिक दलों के गेम प्लान में सेंध लगा रहे भितरघाती

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राजनीतिक दलों के गेम प्लान में सेंध लगा रहे भितरघाती
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ललितपुर।
निकाय चुनाव में उतरे राजनीतिक दलों के गेम प्लान पर भितरघातियों ने सेंध लगा दी है। उम्मीदवार जहां जीत की राह आसान बनाने के लिए जातिगत संतुलन बैठाने की योजना बना रहे हैं तो वहीं पार्टी के अंदर बैठे भितरघाती इसे लीक कर विपक्षियों को फायदा पहुंचा रहे हैं। इस स्थिति में कई उम्मीदवारों का चुनाव प्रचार परवान नहीं चढ़ पा रहा है।
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद के लिए 14 उम्मीदवार मैदान में हैं। चुनाव की शुरुआत से ही भाजपा, सपा, कांग्रेस व बसपा में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। भारतीय जनता पार्टी के दो बागी कमला देवी व वंदना जैन चुनाव मैदान में है तो कांग्रेस की बागी अलका जैन, रूकमणी देवी भाग्य आजमा रही है। सपा के राज्यसभा सदस्य डा. चंद्रपाल सिंह ने पूर्व चेयरमैन रमेश खटीक को मनाकर स्थिति को संभाल लिया था। खटीक अपनी पत्नी को विपक्ष में चुनाव लड़ाने की तैयारी में थे। वर्तमान में भी पार्टी के कई नेताओं में नाराजगी देखी जा रही है। इससे भितरघात के हालात बन रहे हैं। कई नेताओं ने उम्मीदवार के प्रचार से किनारा कर लिया है। ऐसे में पार्टी उम्मीदवार संध्या सुड़ेले को प्रचार में काफी मेहनत करनी पड़ रही हैं। कांग्रेस में भी ऐसी स्थिति है। यहां भी संगठन के कई नेता पार्टी उम्मीदवार यशोधरा राजे के पक्ष में चुनाव प्रचार के दौरान निकल नहीं रहे हैं। भाजपा में धड़ेबाजी किसी से छिपी नहीं है। वर्तमान में उम्मीदवार के हो रहे प्रचार में इसकी झलक देखी जा सकती है। तमाम वरिष्ठ कार्यकर्ता प्रचार से दूरियां बनाए दिख रहे हैं। सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने स्थितियों को भांप कर प्रचार की कमान अपने हाथों में ले ली है। इसके बाद भी कइयों की नाराजगी दूर नहीं हो पाई है। पार्टी के तमाम कार्यकर्ता बागी उम्मीदवार कमला देवी व वंदना जैन के प्रचार में नजर आ रहे हैं। बसपा में भी बागी उम्मीदवार द्रोपती के मैदान में उतर आने से कई कार्यकर्ता यहां-वहां हो गए हैं। हालांकि, बसपा जिलाध्यक्ष कैलाश नारायण कुशवाहा ने द्रोपती को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इसके बाद भी भितरघात से इंकार नहीं किया जा सकता है। स्त्रत्त्वहीं, पार्टी के जिलाध्यक्ष इस स्थिति को जानकर अनजान बने हुए हैं। यदि यूं ही प्रचार में भितरघाती सक्रिय बने रहे तो कइयों का चुनाव बैठना तय माना जा रहा है।
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शरीर यहां और मन वहां
इस समय कई नेता विभीषण के रोल में नजर आ रहे हैं। जनता को दिखाने के लिए पार्टी की डोर से बंधे हुए हैं लेकिन हकीकत में वह दूसरे उम्मीदवार के लिए काम कर रहे हैं। यही नहीं, गोपनीय जानकारी भी इधर-उधर कर रहे हैं। प्रचार के दौरान भी ऐसे नेता अपने हथकंडे दिखाने से बाज नहीं आ रहे हैं।

नगराध्यक्ष को छोड़ सभी लगे प्रचार में
पार्टी के सभी नेता अधिकृत उम्मीदवार के साथ प्रचार में लगे हुए हैं। जहां तक नगराध्यक्ष हरीबाबू शर्मा की गैर मौजूदगी की बात है उनके लिए व्यक्तिगत समस्या है। जिस वजह से वह प्रचार में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।
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दुर्गा प्रसाद कुशवाहा, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस ललितपुर।

भितरघात को नकारा
पार्टी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी बांट दी गई है। सुबह से प्रचार चल रहा है। वहीं, महिलाएं सुबह दस बजे के बाद प्रचार के लिए निकल रही हैं। उन्होंने पार्टी में किसी तरह के भितरघात होने की संभावना से इंकार किया है।
रमेश कुमार सिंह, जिलाध्यक्ष, भाजपा ललितपुर।

प्रचार में जुटे हैं पार्टी कार्यकर्ता
बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता एकजुट होकर अधिकृत उम्मीदवार के पक्ष में काम कर रहे हैं। कहीं कोई भितरघात की स्थिति नहीं है।
कैलाश नारायण कुशवाहा, जिलाध्यक्ष, बसपा ललितपुर।

नहीं कोई भितरघात
पार्टी उम्मीदवार संध्या सुड़ेले के पक्ष में सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर प्रचार कर रहे हैं। अभी तक कोई भितरघात जैसी स्थिति दिखाई नहीं दी है।
डा. सतीश सुड़ेले, उम्मीदवार पति एवं पूर्व चेयरमैन नगर पालिका परिषद ललितपुर।
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