ट्रैक्टर पलटने से दो किसानों की मौत
मड़ावरा (ललितपुर)।
बृहस्पतिवार रात थाना मड़ावरा अंतर्गत ग्राम भौंटा में जामनी नदी में बेकाबू ट्रैक्टर के पलट जाने से उनमें सवार दो किसानों समेत चार ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। थाना नाराहट अंतर्गत ग्राम गदौरा निवासी सरमन अहिरवार पुत्र बिहारी लाल और सुकन कुशवाहा पुत्र ख़ितईं खाद-बीज लेने गांव के पूर्व प्रधान रज्जन निरंजन के ट्रैक्टर से मड़ावरा गए थे। खाद-बीज लेकर ट्रैक्टर शाम को वापस गांव को लौट रहा था, जिसमें लगभग एक दर्जन ग्रामीण बैठे थे साथ ही ट्राली में खाद-बीज समेत सीमेंट की बोरियों समेत सीडड्रिल भी लदी थी।
रात लगभग साढ़े नौ बजे जब ट्रैक्टर ग्राम भौंटा पहुंचकर नदी के घाट के नजदीक पहुंचा तो अचानक बेकाबू होकर नदी के घाट से होकर नीचे जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घाट शुरू होने के पहले ट्रैक्टर चालक ने ढलान पर ट्रैक्टर न्यूट्रल कर दिया और तेज रफ्तार में गियर नहीं डाल सका, जिसके चलते बेकाबू ट्रैक्टर पलटी खाता हुआ नदी में जा गिरा और ट्रैक्टर चालक कमल अहिरवार भाग गया। ट्रैक्टर में रखी बोरियों से दबकर और सीडड्रिल से चोटिल होकर ट्राली में बैठे कई ग्रामीण घायल हो गए। घायलों की चीखपुकार सुनकर गांव के लोग घरों से निकलकर नदी की और भागे और घटना की सूचना मड़ावरा पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष मड़ावरा राजेश कुमार और उपनिरीक्षक राजेश दीक्षित समेत पुलिस फोर्स तत्काल मौके पर पहुंच गयी और अन्य ग्रामीणों के सहयोग से राहत कार्य और राहत कार्य प्रारंभ किया गया। घटना में ग्राम भोंटा निवासी सरमन अहिरवार और सुकन कुशवाहा की मौके पर ही मौत ही गई तथा बच्चू पुत्र चिमन अहिरवार, ब्रजेश पुत्र अजीता अहिरवार, हल्के पुत्र ननू सेन तथा अजुद्दी पुत्र किरी अहिरवार गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
मृतक के पुत्र ने लगाया षडयंत्र का आरोप
मड़ावरा। ट्रैक्टर दुर्घटना में मारे गए सरमन के पुत्र ने घटना के पीछे रंजिश और षड्यंत्र की आशंका जताते हुए बताया कि ट्रैक्टर चालक कमल अहिरवार ने घटना के एक दिन पहले कहा था कि कुछ ऐसा होने जा रहा है, को गांव में कोहराम मच जाएगा। साथ ही उसने आरोप लगाते हुए बताया कि ड्राइवर कमल ने दुर्घटना से पूर्व घाट से पहले अपने परिजनों को ट्रैक्टर से नीचे उतार दिया था जो संदेहास्पद है।
पुलिस की तत्परता से बची घायलों की जान
मड़ावरा। ग्राम भौंटा में हुई ट्रैक्टर दुर्घटना में स्थानीय ग्रामीणों की सजगता और पुलिस को तत्परता के चलते कई घायलों की जान बच गई। जैसे ट्रैक्टर नदी में गिरा घायलों की चीखपुकार सुनकर ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को दी। पुलिस और डायल 100 पीआरवी ने भी मौके की नजाकत को भांपते मौके पर तत्काल पहुंचकर ग्रामीणों के सहयोग से बोरियों से दबे कई घायलों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जिससे उनकी जान बच सकी।