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बिना अनुमति के खोदे जा रहे पक्की सड़कों पर गड्ढे

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पूंछा न जांचा खोद डाली सड़क
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ललितपुर।
जल निगम के ठेकेदार द्वारा शहर में पेयजल के घरेलू कनेक्शन किए जा रहे हैं। इसके लिए मुहल्लों में बनी पक्की सड़कों को खोदा जा रहा है,लेकिन सड़कों को खोदने के लिए विभाग व ठेकेदार द्वारा नगर पालिका से कोई अनुमति नहीं ली गई है। इससे सड़कों के साथ-साथ राजस्व की भी क्षति हो रही है। वहीं कनेक्शन में भी रुपये लेकर उपभोक्ताओं को मोटे पाइप लाइन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
भारत सरकार द्वारा शहर की कायाकल्प करने के लिए संचालित की जा रही अमृत योजना के तहत शहर के शत-प्रतिशत घरों में नलों के कनेक्शन कराए जा रहे हैं। इस योजना के तहत शहर में नलों के घरेलू कनेक्शन कराने के लिए लगभग दो करोड़ रुपये की कार्ययोजना है, यह कार्य जल निगम विभाग अपने ठेकेदार द्वारा करा रहा है। इसका टेंडर विगत वर्ष हो गया था, लेकिन धरातल पर कनेक्शन का कार्य विगत माह से ही शुरू हुआ है। पाइल लाइन से घरों में नलों का कनेक्शन करने के लिए इलाके की पक्की सीसी व पेवर ब्रिक्स सड़कों को उखाड़कर गड्ढा किया जा रहा है। नियमानुसार कोई भी विभाग हो या फिर निजी व्यक्ति उसको सड़के तोड़ने व काटने के लिए विभाग में निर्धारित शुल्क जमा करना होता है। जल निगम विभाग और ठेकेदार ने नलों के कनेक्शन के लिए नगर पालिका से सड़कों पर गड्ढेे करने की कोई अनुमति नहीं ली है और न ही कोई शुल्क जमा किया है। मनमर्जी से सड़कों को खोदा जा रहा है, इससे सड़कों को क्षति पहुंच ही रही है साथ राजस्व की भी क्षति हो रही है। जबकि इस योजना के तहत शासन से प्राप्त बजट में सड़क कटिंग की भी लागत शामिल है। पिछले माह चौबयाना व नदीपुरा क्षेत्र में सड़कों को खोदकर नलों के कनेक्शन किए हैं, इसके लिए नगर पालिका ने कोई अनुमति नहीं दी है। वर्तमान में वार्ड नंबर 18 मुहल्ला नई बस्ती में और नेहरू नगर क्षेत्र में नलों के कनेक्शन का कार्य किया जा रहा है, इसके लिए भी नगर पालिका से कोई अनुमति नहीं ली गई है। यहां पर बिना अनुमति के पक्की सड़कों को खोदा जा रहा है।
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यह है निर्धारित शुल्क
यदि नगर पालिका द्वारा शहर में डाली गई किसी सड़क को खोदा या काटा जाता है, तो इसके बदले में नगर पालिका में उक्त सड़क के अनुुसार निर्धारित शुल्क जमा करना होता है। नगर पालिका में निर्धारित शुल्क के अनुसार सीसी सड़क को खोदने के लिए 1,663 रुपये प्रति वर्गमीटर, पेवर ब्रिक्स को खोदने के लिए 1,415 रुपये प्रतिवर्ग मीटर और यदि कच्ची सड़क है तो भी 87 रुपये प्रतिवर्ग मीटर के अनुसार नगर पालिका में राजस्व शुल्क जमा करना होता है। सरकारी कार्यों में इतनी हिदायत दे दी जाती है कि कार्य करा रहे विभाग के अधिकारी नगर पालिका या उक्त सड़क से संबंधित अन्य विभाग को पत्र के माध्यम से यह आश्वासन देते हैं कि कार्य पूरा होने पर उक्त सड़क को उनके द्वारा यथावत कर दिया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित विभाग से सड़क खोदने के लिए लिखित रूप से अनुमति लेना भी अनिवार्य है। इन नियमों का जल निगम व उनके ठेकेदार द्वारा पालन नहीं किया जा रहा है।
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नलों के कनेक्शन में भी हो रहा घालमेल
पेयजल पाइल लाइन से नलों का कनेक्शन देने के लिए पाइप लाइन में फेरुल के माध्यम से नलों की पाइप जोड़े जा रहे हैं। इसमें भी ठेकेदार व उनके कर्मियों द्वारा घालमेल किया जा रहा है। सामान्य तौर पर छोटे आकार का फेरुल व क्लेम लगाकर नलों के कनेक्शन लिए जा रहे हैं। लेकिन लोगों से रुपये लेकर उनके नलों में निर्धारित आकार से बड़े आकार के फेरुल व क्लेम लगाकर नलों के कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इससे बकाया घरों के नलों में तेजी से पानी नहीं पहुंचेगा। इस संबंध में नेहस् नगर निवासी अजय अग्रवाल बताते हैं कि इनके आस पड़ोस में रहने वाले कई लोगों से रुपये लेकिन बड़े आकार के पेरुल व क्लेम लगाकर मोटे पाइल से नलों के कनेक्शन जोड़े गए हैं।

नहीं दी गई कोई अनुमति
नलों के कनेक्शन करने के लिए जल निगम द्वारा सड़कों पर जो गड्ढे किए जा रहे हैं, इसके लिए नगर पालिका द्वारा कोई अनुमति नहीं दी गई है।
- विपिन कुमार, अवर अभियंता, नगर पालिका ललितपुर।

अनुमति के लिए भेजा है पत्र
विगत माह विभाग द्वारा नगर पालिका के लिए पत्र भेजा गया था, जिसमें गड्ढा खोदने के लिए अनुमति मांगी थी।
- एस कटियार, अधिशासी अभियंता, निर्माणखंड, जल निगम ललितपुर।
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