अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। आबादी के सापेक्ष पेयजल व्यवस्था न होने से गर्मियों में किल्लत और बढ़ जाती है। नगर पालिका क्षेत्र की करीब 2.10 लाख की आबादी में मात्र 90 हजार लोगों को पानी पाइप लाइन से मिलता है, जबकि शेष 1.20 लाख लोगों को हैंडपंप और टैंकर से प्यास बुझानी पड़ती है। गर्मी में जलस्तर गिरने से हैंडपंप पानी देना बंद कर देते हैं तो टैंकर ही सहारा बचता है, लेकिन जल संस्थान के 28 टैंकरों में 18 खराब पड़े हैं और उन्हें अभी तक सुधरवाया नहीं गया है, ऐसे में गर्मी के दिनों में हालात काफी मुश्किल भरे हो सकते हैं।
शहर में आधी से अधिक आबादी गर्मियों में ही नहीं सर्दी व बरसात में भी हैंडपंप से पानी लेने को मजबूर है। जल संस्थान के अनुसार वर्तमान में लगभग 14879 घरों में नल कनेक्शन है। इसके अलावा पेयजल आपूर्ति से वंचित क्षेत्रों में 23,665 परिवारों में नल कनेक्शन की आवश्यकता है, लेकिन लगभग आधा दर्जन वार्डों में पाइपलाइन न होने से पेयजल संकट बना है। इन परिवारों को हैंडपंप से पानी जुटाना पड़ता है। गर्मियों के मौसम में लगभग एक तिहाई हैंडपंप पानी छोड़ देते हैं। इसके बाद भी विभाग गर्मियों की तैयारियाें को लेकर धीमी गति से चल रहा है।
इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि विभाग के पास 28 टैंकरों में 18 पूरी तरह खराब पड़े हैं। ये टैंकर पेयजल आपूर्ति करने लायक तो दूर चलने तक की स्थिति में नहीं हैं। इनमें कइयों में टायर तक नहीं है। कई क्षतिग्रस्त होने से पानी भरते ही लीकेज होकर खाली हो जाते हैं। कई टैंकर तो पत्थरों के सहारे खड़े हैं। -
इन मोहल्लों में रहती पेयजल की किल्लत
रामनगर, विवेकनगर, लेखपाल कॉलोनी, पनारी, सुरईघाट, आरएमवी कॉलोनी, पिसनारी, हरदीला, खिरकापुरा, पठापुरा, विष्णुपुरा, रावतयाना, नईबस्ती, चांदमारी, सिद्दनपुरा, नेहरूनगर, जुगपुरा के कुछ हिस्से सहित 18 मोहल्लों में पेयजल की किल्लत रहती है।
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फैक्ट फाइल
- प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पानी की आवश्यकता - 150 लीटर
- पेयजल किल्लत से जूझने वाले मोहल्ले - 18
- जल संस्थान के टैंकरों की संख्या - 28
- खराब पड़े टैंकरों की संख्या - 18
- नगर पालिका में हैंडपंप की संख्या - 1586
- शहर में नल कनेक्शनों की जरूरत - 44988
- वर्तमान में चल रहे कनेक्शन - 14879
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वर्जन
गर्मियों होने वाले पेयजल संकट से निपटने के लिए तैयारियां चल रही हैं। टैंकर की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर मरम्मत कराकर टैंकर से आपूर्ति शुरू कराई जाएगी।-शिवराज सिंह, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
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शहर में अमृत योजना 0.2 के अंतर्गत 143 करोड़ की परियोजना का कार्य शुरू हो गया है। वर्ष 2025 तक कार्य पूर्ण हो जाएगा। इसके बाद आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
- मुकेश पाल, अधिशासी अभियंता, जल निगम